साई बाबा के साथ मेरी लौर लग जाये भजन

साई बाबा के साथ मेरी लौर लग जाये भजन

साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए,
फिर बंधन ऐसा जुड़ें, खुद-ब-खुद मेरी डोर बन जाए,
साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए।।

ज्योति जगाऊं रे, मेरे मन मंदिर में बाबा,
तेरी ज्योति जगाऊं रे, मेरे मन मंदिर में बाबा।
एक तेरी साईं लगन लगे, ना जाऊं काशी बाबा,
शिर्डी में साईं बिता दूं उमरिया।
साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए,
फिर बंधन ऐसा जुड़ें, खुद-ब-खुद मेरी डोर बन जाए,
साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए।।

शिरडी वाले रे साईं बाबा, शिरडी वाले साईं,
झट मेरे बन जाते, सबकी झोलियां भरने वाले।
"नहीं नहीं" सारी कहती है दुनिया,
साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए,
फिर बंधन ऐसा जुड़ें, खुद-ब-खुद मेरी डोर बन जाए,
साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए।।

मुझको तू प्यारा, शिरडी धाम है प्यारा प्यारा,
साईं मुझको तू प्यारा, शिरडी धाम है प्यारा प्यारा।
मेरी इस कुटिया में लहरी तेरा ही उजियारा,
चरणों में जीवन बिता दूं।
कि साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए,
फिर बंधन ऐसा जुड़ें, खुद-ब-खुद मेरी डोर बन जाए,
साईं बाबा के साथ मेरी लौ लग जाए।।


गुरुवार स्पेशल भजन | साई बाबा के साथ मेरी लौर लग जाये | Sai Baba Song | Uma Lehri | Shirdi Sai Baba

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भक्त का हृदय जब उस साईं बाबा के साथ एक अटूट बंधन की लालसा से भर उठता है, तब वह उस पवित्र लगन में डूब जाता है, जो उसके जीवन को उस सत्ता के प्रेम और कृपा से जोड़ देती है। यह लौर, यह बंधन, केवल सांसारिक रिश्तों से परे एक आध्यात्मिक डोर है, जो भक्त को उस साईं के चरणों में बाँधती है, जहाँ वह अपने मन के मंदिर में उसकी ज्योति जलाने की कामना करता है। वह शिरडी को अपना अंतिम ठिकाना मानता है, जहाँ काशी जैसे तीर्थों की आवश्यकता नहीं, क्योंकि उसका मन साईं की भक्ति में ही पूर्ण तृप्ति पाता है। यह भक्ति का वह मार्ग है, जहाँ भक्त अपनी उम्र उस साईं के धाम में बिताने की तड़प रखता है, यह विश्वास करते हुए कि उसकी कृपा ही उसके जीवन को सार्थक बनाएगी।

उस साईं का शिरडी धाम भक्त के लिए सबसे प्यारा और उजियारा है, जहाँ हर झोली सुख और शांति से भर जाती है। भक्त का मन इस सत्य में लीन हो जाता है कि वह साईं झटपट सबके बिगड़े काम बना देता है और हर प्राणी का सहारा बनता है। वह अपनी कुटिया में भी उस साईं के उजाले को अनुभव करता है और प्रार्थना करता है कि उसका जीवन उसके चरणों में समर्पित हो जाए। यह भक्ति का वह पथ है, जहाँ भक्त उस साईं के साथ एक ऐसी डोर जोड़ना चाहता है, जो कभी न टूटे और जो उसके जीवन को उस अनंत प्रेम और कृपा के रंग में रंग दे, ताकि वह सदा उस साईं के साथ एकाकार रहे।
 
➤Album :- Sai Dham
➤Song :- Sai Baba Ke Sath
➤Singer :- Uma Lahari
➤Music :- Tony Sharma
➤Writer :- Lahari
➤ Label :- Vianet Media
➤ Sub Label :- Saawariya
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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