माँ करुणा बरसायेगी माता रानी भजन
माँ करुणा बरसायेगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
माँ की नज़र पड़ जायेगी,
तेरी दुआ रंग लायेगी,
असुवन की तू भेंट चढ़ा,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
इनकी दया से सृष्टि चले,
बिन मर्ज़ी पत्ता ना हिले,
तू काहे घबराता है,
माँ ही भाग्य विधाता है,
बिगड़ी तेरी बनायेंगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
कण - कण नूर समाया है,
माँ का हर पल साया है,
बच्चों की तो जान है माँ,
हम सब की पहचान है माँ,
हम पे ममता लुटायेगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
मत घबरा माँ के रहते,
वेद पुराण यही कहते,
रजनी सेवादारी कर,
चौखानी चल माँ के दर,
अपनी गोद बिठायेगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
माँ की नज़र पड़ जायेगी,
तेरी दुआ रंग लायेगी,
असुवन की तू भेंट चढ़ा,
माँ करुणा बरसायेगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
माँ करुणा बरसायेगी,
माँ की नज़र पड़ जायेगी,
तेरी दुआ रंग लायेगी,
असुवन की तू भेंट चढ़ा,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
इनकी दया से सृष्टि चले,
बिन मर्ज़ी पत्ता ना हिले,
तू काहे घबराता है,
माँ ही भाग्य विधाता है,
बिगड़ी तेरी बनायेंगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
कण - कण नूर समाया है,
माँ का हर पल साया है,
बच्चों की तो जान है माँ,
हम सब की पहचान है माँ,
हम पे ममता लुटायेगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
मत घबरा माँ के रहते,
वेद पुराण यही कहते,
रजनी सेवादारी कर,
चौखानी चल माँ के दर,
अपनी गोद बिठायेगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
माँ की नज़र पड़ जायेगी,
तेरी दुआ रंग लायेगी,
असुवन की तू भेंट चढ़ा,
माँ करुणा बरसायेगी,
माँ करुणा बरसायेगी,
मां करुणा बरसायेगी।
भजन श्रेणी : माता रानी भजन (Mata Rani Bhajan)
सिंगर : रजनी राजस्थानी
माता रानी करुणा और विजय की सबसे बड़ी प्रतीक मानी जाती हैं। वे जितने रूपों में पूजी जाती हैं, उतने ही विविध भावों में विश्वासियों को आशीर्वाद देती हैं—कभी शेरावाली के रूप में, कभी दुर्गा, कभी अम्बे या जगदम्बा के रूप में। भारतीय जनमानस में उनके प्रति गहरी श्रद्धा है, क्योंकि हर संकट और कठिनाई में उनका नाम संबल बन जाता है। उनके नौ दिव्य स्वरूपों का नवरात्रि में पूजन यह याद दिलाता है कि जीवन के हर क्षेत्र में स्त्री की शक्ति अदृश्य रूप में हमारी रक्षा करती है।
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