मैं फिर से खाटू आ गया कृष्णा भजन

मैं फिर से खाटू आ गया भजन

तेरा जादू खाटू वाले,
ऐसा सर पे छा गया,
मैं फिर से खाटू आ गया,
तेरा जादू खाटू वाले,
ऐसा सर पे छा गया,
मैं फिर से खाटू आ गया।

जब जब भी मै सांवरे,
थोड़ा उदास हो जाता हूं,
तुझ से मिलने मुरली वाले,
दौड़ा दौड़ा आता हूं,
संग ले कर के,
भक्तों की टोली,
गाड़ी भर कर आ गया,
मैं फिर से खाटू आ गया,
मैं फिर से खाटू आ गया।

घर से लकर रिंगस तक,
रिंगस से फिर खाटू तक,
चैन नही आता है बाबा,
तेरा पेड़ी चढने तक,
तेरा सोहना मुखड़ा बाबा,
इन नयनों को भा गया,
मैं फिर से खाटू आ गया,
मैं फिर से खाटू आ गया।

मैं आऊं हर बार जी,
संग लेकर परिवार जी,
कर कृपा हर महीने नही,
रहू हर हफ्ते तैयार जी,
मैं नाचूं दरबार में जैसे,
फिर से फागुन आ गया,
मैं फिर से खाटू आ गया,
मैं फिर से खाटू आ गया।

तेरा जादू खाटू वाले,
ऐसा सर पे छा गया,
मैं फिर से खाटू आ गया,
तेरा जादू खाटू वाले,
ऐसा सर पे छा गया,
मैं फिर से खाटू आ गया,
मैं फिर से खाटू आ गया।


भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)

भजन श्रेणी : खाटू श्याम जी भजन (Khatu Shyam Ji Bhajan)



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