हम श्याम तुम्हारे नाम का मंदिर बनवायेंगे
हे श्याम तेरी कृपा,
हम जब पा जाएंगे,
हे श्याम तेरी कृपा,
हम जब पा जाएंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
सपने मेरे बाबा जब,
पूरे हो जायेंगे,
सपने मेरे बाबा जब,
पूरे हो जायेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम राम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
ऐसा सुंदर बनेगा मंदिर,
सब लोग करेंगे सराहना,
ऐसा सुंदर बनेगा मंदिर,
सब लोग करेंगे सराहना,
तुम्हीं करोगे पूरी बाबा,
मेरी ये मनोकामना,
चारों दिशा से लोग,
तेरे दर्शन को आयेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम राम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
हे श्याम तेरी कृपा,
हम जब पा जाएंगे,
हे श्याम तेरी कृपा,
हम जब पा जाएंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
हम जब पा जाएंगे,
हे श्याम तेरी कृपा,
हम जब पा जाएंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
सपने मेरे बाबा जब,
पूरे हो जायेंगे,
सपने मेरे बाबा जब,
पूरे हो जायेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम राम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
ऐसा सुंदर बनेगा मंदिर,
सब लोग करेंगे सराहना,
ऐसा सुंदर बनेगा मंदिर,
सब लोग करेंगे सराहना,
तुम्हीं करोगे पूरी बाबा,
मेरी ये मनोकामना,
चारों दिशा से लोग,
तेरे दर्शन को आयेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम राम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
हे श्याम तेरी कृपा,
हम जब पा जाएंगे,
हे श्याम तेरी कृपा,
हम जब पा जाएंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे,
हम श्याम तुम्हारे नाम का,
मंदिर बनवायेंगे।
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
भजन श्रेणी : खाटू श्याम जी भजन (Khatu Shyam Ji Bhajan)
Shyam Tumhare Naam Ka Mandir Banwayenge | Anjali Dwivedi
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हृदय में एक ऐसी गहन भक्ति और कृतज्ञता का भाव उभरता है, जो उस परम सत्ता की कृपा को पाने की तीव्र लालसा से परिपूर्ण है। यह आकांक्षा केवल व्यक्तिगत इच्छाओं की पूर्ति तक सीमित नहीं, बल्कि उस प्रिय सांवरे के नाम को अमर करने और भक्ति को साकार रूप देने का एक पवित्र संकल्प है। भक्त का मन उस कृपा के बल पर एक ऐसे मंदिर की रचना की कल्पना करता है, जो न केवल बाहरी सौंदर्य से युक्त हो, बल्कि आत्मिक शांति और प्रेम का केंद्र बने। यह मंदिर केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि उस अटूट विश्वास और प्रेम का प्रतीक है, जो भक्त अपने श्याम के चरणों में समर्पित करना चाहता है, ताकि चारों दिशाओं से लोग उसकी महिमा में लीन होकर दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करें।
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