रंग मत डारे रे सांवरिया मारो गुर्जर मारे रे
रंग मत डारे रे सांवरिया मारो गुर्जर मारे रे
मारो गुर्जर मारे रे,
रंग मत डारे रे।।
मैं गुर्जरी नादान,
यो गुर्जर मतवालो रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डारे रे।।
होली खेले तो काना,
बरसाने में आज्ये रे,
राधा और रुकमण ने,
सागे लेतो आज्ये रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डारे रे।।
घर मत आज्ये रे काना,
सास बुरी छे,
नंदुली नादान माने,
बोलिया मारे रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डारे रे।।
सास बुरी छे मारी,
ननंद हठीली,
परनियो बेईमान,
माने नित मारे रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डारे रे।।
चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
हरि चरना में मारो चीत छे रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डारे रे।।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
जीवन में जब रंगों और उत्सवों की बात आती है, तो हर व्यक्ति की अपनी सीमाएँ, संकोच और सामाजिक परिस्थितियाँ होती हैं। कभी-कभी मन तो उल्लास और प्रेम में डूब जाना चाहता है, पर समाज की मर्यादाएँ, परिवार की अपेक्षाएँ और पारंपरिक बंधन व्यक्ति को रोकते हैं। ऐसे में भीतर एक द्वंद्व उत्पन्न होता है—एक ओर प्रेम और स्वतंत्रता की पुकार, दूसरी ओर सामाजिक जिम्मेदारियों और रिश्तों की जंजीरें। यह द्वंद्व व्यक्ति के व्यक्तित्व को और गहराई देता है, जहाँ वह अपने भावों को व्यक्त करने के लिए नए-नए रास्ते खोजता है, कभी सीधे, कभी संकेतों में।
Song : Rang Mat Daare Rye Sanwariya
Singer : Upasana Mehta
Lyrics : Traditonal
Music: Binny Narang (9991980610)
यह भजन भी देखिये
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
