बिन पिये नशा हो जाता है जब सूरत देखू भोळे

बिन पिये नशा हो जाता है जब सूरत देखू भोळे

 
बिन पिये नशा हो जाता है लिरिक्स Bina Piye Nasha Bhajan Lyrics

बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की,
बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की,
बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की।

उसके शीश पे चंदा विराज रहा,
चँदा की चांदनी में खो जाऊं,
जब सूरत देखू भोले की,
बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की।

उसके गले में नाग विराज रहा,
नागां की लहर में खो जाऊं,
जब सूरत देखू भोले की,
बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की।

उसके हाथ में डमरु विराज रहा,
डमरु की ताल में खो जाऊं,
जब सूरत देखू भोले की,
बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की।

उसके पैरो में घुंघरू विराज रहे,
घुंघरूं की ताल में खो जाऊं,
जब सूरत देखू भोले की,
बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की,
बिन पिये नशा हो जाता है,
जब सूरत देखू भोळे की।

Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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