दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी जीवन प्रेरक सोंग
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी जीवन प्रेरक सोंग
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी,जीवन भर अविचल चलता है,
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी,
जीवन भर अविचल चलता है।
सज धज कर आए आकर्षण,
पग पग पर झूमते प्रलोभन,
हो कर सब से विमुख बटोही,
पथ पर संभल संभल बढता है,
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी,
जीवन भर अविचल चलता है।
अमर तत्व की अमिट साधना,
प्राणो मे उत्सर्ग कामना,
जीवन का शाश्वत व्रत ले कर,
साधक हँस कण कण गलता है,
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी,
जीवन भर अविचल चलता है।
सफल विफल और आस निराशा,
इस की ओर कहाँ जिज्ञासा,
बीहडता मे राह बनाता,
राही मचल मचल चलता है,
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी,
जीवन भर अविचल चलता है।
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी,
जीवन भर अविचल चलता है,
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी,
जीवन भर अविचल चलता है।
दिव्य ध्येय की ओर तपस्वी जीवन भर अविचल चलता है ॥ प्रेरक गीत।।
राही मचल मचल चलता है ॥ समाज में सकारात्मकता का वातावरण बने इसलिए आवश्यक है की हमारी सोच सकारात्मक हो, भाव सकारात्मक हो एवं अच्छी बातों, प्रेरक कथाओं के माध्यम से जन-जन की सोच भी सकारात्मक बने. यह ब्लॉग केवल और केवल अच्छी बातों को आप के समक्ष रखने का प्रयास भर है.. आप प्रेरक कथा, गीत, सूक्तिओं एवं वीडियो को देखकर संवाद के माध्यम से हौसला बढ़ाते रहेंगे… संस्कार शिक्षा के विषय पर आधारित सामग्री का संग्रह. इस चैंनल पर राष्ट्रभक्ति गीत, अनमोल वचन, संस्कार शिक्षा हेतु आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहेगी.
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