झांझर किन्हें छुपाई मेरे मोहन दी

झांझर किन्हें छुपाई मेरे मोहन दी

 
झांझर किन्हें छुपाई मेरे मोहन दी Jhanjhar Kihe Chhupayi Lyrics, Krishna Bhajan

चांदी दी मैं झांझर लियाई,
सोने दी पात चढ़ाई,
मुहूर्त देखकर मैं श्याम दे पेरी पाई,
श्याम मेरा नचदा फिरे जय हो,
श्याम मेरा खुश हो फिरे जय हो,
झांझर किन्हें छुपाई मेरे मोहन दी।

रिरदा रिरडा शाम मेरा,
जड़ वेहदे दे विच आया,
पेरी झांझर ना देख कर,
दिल मेरा घबराया,
श्याम मेरा रौंदा जावे, जय हो,
श्याम नू चुप कराओ, जय हो,
श्याम मेरा चुप न होवे जय हो,
झांझर किन्हें छुपाई मेरे मोहन दी।

दौड़ी दौड़ी एक सहेली,
यशोदा दे कोल आई,
झोली विचों कद के,
झंजर शाम दे पेरी पाई,
झंजर लाभ लियाई जय हो,
मरीन देवी बधाई जय हो,
श्याम मेरा नाचदा फिरे जय हो।

झांझर किन्हें छुपाई मेरे मोहन दी with lyrics कीर्तन में रौनक वाला भजन@achieversbhaktiras
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