मंदिर में चले आना वीर हनुमाना भजन
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना,
तुम देर ना लगाना वीर हनुमाना।
मेरी मैया के टेडे मेडे रस्ते,
मेरी मैया के टेडे मेडे रस्ते,
भटक मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया की ऊँची नीची सीढ़ियां,
मेरी मैया की ऊँची नीची सीढ़ियां,
लुढ़क मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया के लम्बे लम्बे केश है,
मेरी मैया के लम्बे लम्बे केश है,
उलझ मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीरहनुमाना।
मेरी मैया के मोटे मोटे नैना,
मेरी मैया के मोटे मोटे नैना,
डर मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया की बनारस की साड़ी,
मेरी मैया की बनारस की साड़ी,
लिपट मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया का कीर्तन होगा,
मेरी मैया का कीर्तन होगा,
तू नाच के दिखाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना,
तुम देर ना लगाना वीर हनुमाना।
तुम देर ना लगाना वीर हनुमाना।
मेरी मैया के टेडे मेडे रस्ते,
मेरी मैया के टेडे मेडे रस्ते,
भटक मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया की ऊँची नीची सीढ़ियां,
मेरी मैया की ऊँची नीची सीढ़ियां,
लुढ़क मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया के लम्बे लम्बे केश है,
मेरी मैया के लम्बे लम्बे केश है,
उलझ मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीरहनुमाना।
मेरी मैया के मोटे मोटे नैना,
मेरी मैया के मोटे मोटे नैना,
डर मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया की बनारस की साड़ी,
मेरी मैया की बनारस की साड़ी,
लिपट मत जाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना।
मेरी मैया का कीर्तन होगा,
मेरी मैया का कीर्तन होगा,
तू नाच के दिखाना वीर हनुमाना,
मंदिर में चले आना वीर हनुमाना,
तुम देर ना लगाना वीर हनुमाना।
हनुमान जयंती भजन▸मंदिर में चले आना वीर हनुमाना || Veer Hanuman Bhajan Hanuman Ji Ka Bhakti Bhajan
Title ▸Mandir Mei Chale Aana Veer Hanumana
Artist ▸Vijay Luxmi
Singer ▸Rekha Garg
Music ▸Pardeep Panchal
Lyrics & Composer ▸Traditional
Editing ▸Max Ranga
Artist ▸Vijay Luxmi
Singer ▸Rekha Garg
Music ▸Pardeep Panchal
Lyrics & Composer ▸Traditional
Editing ▸Max Ranga
मातारानी का मंदिर जो टेढ़े‑मेढ़े रास्तों पर बना है, वहाँ तक आने की बात इस तरह कहती है कि मानो सारा रास्ता ही एक छोटा‑सा अनुभव बन जाता है—ऊँची‑नीची सीढ़ियाँ पैरों को थोड़ा डगमगा देती हैं, लेकिन दिल इतना मजबूत रखता है कि लुढ़कने का डर कम हो जाता है। जब माँ के बाल, उसकी बनारसी साड़ी, उसकी आँखें याद आती हैं, तब यह लगने लगता है कि ये सब रूप तो माँ की ममता का ही ढंग हैं, जो भक्त को थोड़ा घुमा–फिरा भी लेते हैं, लेकिन अंत में उसे उनके चरणों पर ही ले आते हैं।
हनुमान जी को बुलाकर जब कहा जाता है कि “मंदिर चले आना, देर मत लगाना”, तो यही भाव आता है जैसे किसी प्यारे बेटे को उसकी माँ के पास बुलाया जाए—रास्ता चाहे कितना भी मुश्किल लगे, बस माँ की आवाज़ सुनते ही वह भागने लगता है। आखिरी बात “माँ का कीर्तन होगा, तू नाच के दिखाना” में एक ऐसी खुशी भर जाती है कि लगता है मंदिर सिर्फ पत्थरों का भवन नहीं, बल्कि इस बारीक‑सी यात्रा के बाद मिलने वाले आनंद की दास्तान है, जहाँ भक्ति नाचती है, प्रेम बोलता है और हर ठोकर भी मुस्कान बन जाती है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री मातारानी और जय श्री हनुमान जी की।
हनुमान जी को बुलाकर जब कहा जाता है कि “मंदिर चले आना, देर मत लगाना”, तो यही भाव आता है जैसे किसी प्यारे बेटे को उसकी माँ के पास बुलाया जाए—रास्ता चाहे कितना भी मुश्किल लगे, बस माँ की आवाज़ सुनते ही वह भागने लगता है। आखिरी बात “माँ का कीर्तन होगा, तू नाच के दिखाना” में एक ऐसी खुशी भर जाती है कि लगता है मंदिर सिर्फ पत्थरों का भवन नहीं, बल्कि इस बारीक‑सी यात्रा के बाद मिलने वाले आनंद की दास्तान है, जहाँ भक्ति नाचती है, प्रेम बोलता है और हर ठोकर भी मुस्कान बन जाती है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री मातारानी और जय श्री हनुमान जी की।
