म्हारा रे जीवन री गाड़ी रो ड्राइवर भजन
म्हारा रे जीवन री गाड़ी रो,
ड्राइवर श्याम कोटडी वालो,
रे म्हारो श्याम कोटडी वालो,
रे मैं थारों चलायो चालु रे,
हो कानुडा रे मैं तो थारो,
नचायो नाचूं रे,
म्हारा रे जीवन री गाड़ी रो,
ड्राइवर श्याम कोटडी वालो,
रे म्हारो श्याम कोटडी वालो,
रे मैं थारों चलायो चालु रे,
हो कानुडा रे मैं तो थारो,
नचायो नाचूं रे।
हो श्याम धणी रे,
थारा चरणा में राख ज्ये,
श्याम धणी रे माने,
चरणा में राख ज्ये,
थारा चरणा रो अमृत कानुडा,
पीवु रे म्हारा ठाकुर जी,
मैं पिवु रे म्हारा श्याम धणी,
मैं थारो नचायो नाचूं जी,
हो कोटडी वाला,
थारो नचायो नाचूं जी।
हो दिन उगता ही,
श्याम थाने पुकारू,
हो दिन उगता ही,
ठाकुर थाने पुकारू,
अरे दिन भर को हिसाब किताब,
देवु शाम को ठाकुर जी,
मैं देवु शाम को श्याम धणी,
मैं थारो नचायो नाचूं जी,
हो कानुडा रे,
मैं तो थारो नचायो नाचूं जी।
हो भगता के एक आसरो,
थारो म्हारा श्याम धणी,
काली काली मूरत वालो,
म्हारो पालनहार जी,
अरे कोटडी रा ठाकुर थे तो,
बाजो म्हारा श्याम धणी,
बाजो रे म्हारा ठाकुर जी,
मैं थारो नचायो नाचूं जी,
हो जी चारभुजा जी,
थारो चलायो चालूं जी।
हो चारभुजा नाथ,
अमावस मेला लागे,
हो ग्यारस का मेला लागे,
भीड भरावे,
छप्पन भोग लगावा,
बैगा बैगा जीमो रे,
म्हारा श्याम धणी,
हो जीमो रे म्हारा श्याम धणी,
म्है थारे नचाया नाचां जी,
हो ठाकुर जी,
रे म्है तो थारा नचाया नाचां जी।
हो जमनालाल गुर्जर,
राजगढ़ वाला मनावे,
रामलाल ठाकुर जी,
थारा गुण गावे,
अरे किसन प्रजापत,
पिपल्दा रा ध्यावे,
वो म्हारा ठाकुर जी,
मनावे वो म्हारा ठाकुर जी,
यो गोकुल भजना गावे जी,
हो कोटडी वाला,
थारो नचायो नाचूं जी।
म्हारा रे जीवन री गाड़ी रो,
ड्राइवर श्याम कोटडी वालो,
रे म्हारो श्याम कोटडी वालो,
रे मैं थारों चलायो चालु रे,
हो कानुडा रे मैं तो थारो,
नचायो नाचूं रे।