माँएँ मेरीए नी भंग रगड़ांदा ए भजन

माँएँ मेरीए नी भंग रगड़ांदा ए भजन

माँएँ, मेरीए नी, भंग रगड़ांदा ए ॥
जिन्नी रगड़ां, ते ओनी पी जाता ए ॥
माँएँ, मेरीए नी, भंग रगड़ांदा ए ॥
गल्ल पूछां, ते डमरू बजाता ए ॥
माँएँ, मेरीए नी, भंग रगड़ांदा ए ॥
जे मैं आखां, इश्नान करी लो ॥
ओ माँएँ, मेरीए नी, गंगा बहाता ए ॥
माँएँ, मेरीए नी, भंग रगड़ांदा ए ॥
जे मैं आखां, गहने पाई लो ॥
ओ माँएँ, मेरीए नी, साँप लटकाता ए ॥
माँएँ, मेरीए नी, भंग रगड़ांदा ए ॥
जे मैं आखां, भोग लाई लो ॥
ओ माँएँ, मेरीए नी, भंग पी जाता ए ॥
माँएँ, मेरीए नी, भंग रगड़ांदा ए ॥
अपलोडर – अनिल राममूर्ति भोपाल



#Lyrics 🌹माए मेरिये नी पांग रगडांदा ए | 🌹maye mareye ni pang ragdanda e | Ashu Dogri Short And Vlog

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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