तेरी कृपा का कोई छोर नही पार्श्व भैरव भजन
तेरी कृपा का कोई छोर नही पार्श्व भैरव भजन
झूमें हैं गगन धरती ये पवन,
झूमे मेरा मन दर पे तेरे,
पहाड़ों में बना मंदिर ये तेरा,
ओ पार्श्व भैरव दादा मेरे,
ओ मेवानगर के महाराजा,
कोई तुमसा जग में और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
डाला है खुशियों ने डेरा,
आया है जीवन में सवेरा,
कर दिए हैं रोशन मेरे रास्ते,
कोई गम न कोई फिक्र है,
तेरी मुझ पर जो ये नजर है,
सब कुछ लूटाऊँ तेरे वास्ते,
तू ही तो है संसार मेरा,
बस तू ही है आधार मेरा,
हर काम हुआ मेरा दादा,
पूरा हुआ तेरा वादा,
कैसे करूँ दादा तेरा शुक्रिया,
साया बनकर जो संग चले,
ऐसा साथी कोई और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
तन में पारस मन में पारस,
देखूँ जिधर भी उधर है पारस,
भा गया वो वामा का लाला,
कलयुग के हैं जो अवतारी,
भेरूजी हैं सम्यक्त धारी,
भेरू देव डमरू वाला,
दिलबर कर ले ऐसी युक्ति,
मिल जाए मुझे इनकी भक्ति,
भक्ति करते करते पाऊँ मुक्ति,
सुख वैभव से भर दे झोली,
दातार ऐसा कोई और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
झूमें हैं गगन धरती ये पवन,
झूमे मेरा मन दर पे तेरे,
पहाड़ों में बना मंदिर ये तेरा,
ओ पार्श्व भैरव दादा मेरे,
ओ मेवानगर के महाराजा,
कोई तुमसा जग में और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
झूमे मेरा मन दर पे तेरे,
पहाड़ों में बना मंदिर ये तेरा,
ओ पार्श्व भैरव दादा मेरे,
ओ मेवानगर के महाराजा,
कोई तुमसा जग में और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
डाला है खुशियों ने डेरा,
आया है जीवन में सवेरा,
कर दिए हैं रोशन मेरे रास्ते,
कोई गम न कोई फिक्र है,
तेरी मुझ पर जो ये नजर है,
सब कुछ लूटाऊँ तेरे वास्ते,
तू ही तो है संसार मेरा,
बस तू ही है आधार मेरा,
हर काम हुआ मेरा दादा,
पूरा हुआ तेरा वादा,
कैसे करूँ दादा तेरा शुक्रिया,
साया बनकर जो संग चले,
ऐसा साथी कोई और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
तन में पारस मन में पारस,
देखूँ जिधर भी उधर है पारस,
भा गया वो वामा का लाला,
कलयुग के हैं जो अवतारी,
भेरूजी हैं सम्यक्त धारी,
भेरू देव डमरू वाला,
दिलबर कर ले ऐसी युक्ति,
मिल जाए मुझे इनकी भक्ति,
भक्ति करते करते पाऊँ मुक्ति,
सुख वैभव से भर दे झोली,
दातार ऐसा कोई और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
झूमें हैं गगन धरती ये पवन,
झूमे मेरा मन दर पे तेरे,
पहाड़ों में बना मंदिर ये तेरा,
ओ पार्श्व भैरव दादा मेरे,
ओ मेवानगर के महाराजा,
कोई तुमसा जग में और नहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं,
जब सिर पे है मेरा हाथ तेरा,
तो क्यों जाऊँ मैं और कहीं,
तेरी कृपा का कोई छोर नहीं।
Teri Kripa॥तेरी कृपा॥Nakoda Parshva Bhairav Bhajan॥New Bhajan॥@vaibhavbagmar ॥
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🎵Song : Teri Kripa
🎵Singer : Vaibhav Bagmar
🎵Music : Nsn Production
🎵Video Director : Bhagwan Sundesha
🎵Video Editing : Bhagwan Sundesha
🎵Lyricist : Dilipji Dilbar Nagda
🎵Singer : Vaibhav Bagmar
🎵Music : Nsn Production
🎵Video Director : Bhagwan Sundesha
🎵Video Editing : Bhagwan Sundesha
🎵Lyricist : Dilipji Dilbar Nagda
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Author - Saroj Jangir
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