श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम अर्थ महत्त्व

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम अर्थ महत्त्व

जय जय माँ,
जय जय जय जय माँ,
जय जय जय जय माँ,
जय जय माँ।

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी,
प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।

त्रिशूल मुण्ड धारिणी,
धरा विघात हारिणी,
गृहे गृहे निवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।

दरिद्र दुःख हारिणी,
सदा विभूति कारिणी,
वियोग शोक हारिणी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।

लसत्सुलाल लोचनं,
लतासनं वरप्रदं,
कपाल-शूल धारिणी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।

कराब्जदानदाधरां,
शिवाशिवां प्रदायिनी,
वरा- वराननां शुभां,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।

कपीन्द्र जामिनीप्रदां,
त्रिधा स्वरुप धारिणी,
जले-स्थले निवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।

विशिष्ट शिष्ट कारिणी,
विशाल रूप धारिणी,
महोदरे विलासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।

पुरंदरादि सेवितां,
पुरादिवंशखण्डिताम्,
विशुद्ध बुद्धकारिणी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी,
भजामि विंध्यवासिनी।


Shri Vindheshwari Stuti | Narendra Chanchal | Bhajami Vindhyavasini | Powerful Durga Stotram

 
Singer: Narendra Chanchal
Lyrics: Traditional
Music: Surinder Kohli
Graphics: Prem Graphics PG.

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