सिंदूरी रंग हे बजरंग हनुमान भजन

सिंदूरी रंग हे बजरंग हनुमान भजन

 
सिंदूरी रंग हे बजरंग हनुमान भजन

कृपा करो दीनानाथ,
विनती स्वीकारो मोरी,
हे मोरे प्राण नाथ,
सिंदूरी रंग हे बजरंग।

तेज प्रताप मुख मण्डल बिराजे,
पंचमुखी में कुंडल अति साजे,
केशरी नन्दन नाम कहावे,
संकट मोचन जय घोष बाजे,
भक्ति भाव से पूजिये बजरंग,
सिंदूरी रंग हे बजरंग।

कोउ और देवता अर्ज ना सुन है,
पबन पुत्र सबकी विनति सुन है,
कल युग में अगर कोउ है सजीबत,
वो है हनुमन्ते जो सबकी सुन हैं,
मोरी भी सुनो कृपा निधि बजरंग,
सिंदूरी रंग हे बजरंग।

कृपा करो दीनानाथ,
विनती स्वीकारो मोरी,
हे मोरे प्राण नाथ,
सिंदूरी रंग हे बजरंग।

हनुमान जी का भजन बनाये बिगडे काम ~ सिंदूरी रँग ,हे बजरंग ~ Sindoori Rang, Hey Bajrang

सुबह सुबह इस मधुर भजन को सुनने से हनुमान जी प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं व परिवार की सभी परेशानियाँ व संकट से रक्षा होती है |
Song : Sindoori Rang, Hey Bajrang
Singer : Arvind Ojha
Music & Lyric : Ravindra khare 
Sound engineer : Sanjeev shrivastava 
Mix & mastering : Ankit Singh 

भक्ति का यह भाव यह भी कहता है कि हनुमान युगों से कर्म के साथ श्रद्धा के मिलन का स्वरूप रहे हैं। वे भक्त और भगवान के बीच पुल हैं — जो हर हृदय की प्रार्थना को अपने बल से पूर्ण करते हैं। पंचमुखी रूप उनका तेज और रक्षा का संकेत है, और सिंदूर उनका समर्पण। इस भाव में यह विश्वास छिपा है कि कलियुग में यदि कोई श्रेष्ठ आश्रय है, तो वही बजरंगबली हैं, जो हर विनती को बिना भेदभाव स्वीकार करते हैं। यह प्रार्थना अंततः यही सिखा जाती है — कि जब मन हताश हो जाए, तब बस सिंदूरी चरणों में सर झुका देना काफी है; बाकी सब कृपा अपने आप बरसने लगती है। 

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