छोटी सी गौरा चली शिव को मनाने
जय शिव शंकर भोले शंकर,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
निर्जल तन से निश्छल मन से,
निर्जल तन से निश्छल मन से,
नित वंदन करती थी लगन से,
नित वंदन करती थी लगन से,
लेके उपवन से फूल और माला,
चली है शिव को सजाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
नित गंगा तट पर जाती है,
नित गंगा तट पर जाती है,
भर के लौटा जल लाती है,
भर के लौटा जल लाती है,
और लाती है भांग धतूरा,
देखो शिव को रिझाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
रोज एक ही अर्ज लगाती,
रोज एक ही अर्ज लगाती,
शिव को पति रूप में पाती,
शिव को पति रूप में पाती,
चले उर्मी अमन और केशव भी,
अपने अर्जी लगाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
निर्जल तन से निश्छल मन से,
निर्जल तन से निश्छल मन से,
नित वंदन करती थी लगन से,
नित वंदन करती थी लगन से,
लेके उपवन से फूल और माला,
चली है शिव को सजाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
नित गंगा तट पर जाती है,
नित गंगा तट पर जाती है,
भर के लौटा जल लाती है,
भर के लौटा जल लाती है,
और लाती है भांग धतूरा,
देखो शिव को रिझाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
रोज एक ही अर्ज लगाती,
रोज एक ही अर्ज लगाती,
शिव को पति रूप में पाती,
शिव को पति रूप में पाती,
चले उर्मी अमन और केशव भी,
अपने अर्जी लगाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
शिव को मनाने को,
शिव को रिझाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को,
मेरी छोटी सी प्यारी सी गौरा,
चली है शिव को मनाने को।
Sawan Shivratri Special Bhajan - छोटी सी गौरा चली शिव को मनाने - Keshav Sharma @ambeyBhakti
► Album - Chhoti Si Gaura Chali Shiv Ko Manane
► Song - Chhoti Si Gaura Chali Shiv Ko Manane
► Singer - Keshav Sharma
► Music - Bijender Chauhan
► Lyrics - Aman Kurmi
इस भाव में पार्वती का रूप एक स्नेहमयी, सरल और दृढ़-हृदय स्त्री के रूप में प्रकट होता है। वह न केवल देवी हैं, बल्कि समर्पण की मूर्ति हैं — जो प्रेम को तपस्या बना देती है। इस कथा में वह प्रयास है जिसमें भक्ति कोई मांग नहीं, बल्कि एक सहज समर्पण है। नीर से निःस्वार्थ, तन से तपस्विनी, मन से निष्कपट — वह हर दिन गंगा तट जाती है, फूल चुनती है, जल भरकर लाती है। उसकी हर क्रिया में प्रेम की गहराई है, जैसे हर अर्पण के साथ उसका मन कह रहा हो — “मुझे शिव चाहिए, उनका सान्निध्य चाहिए, बस वही मेरे जीवन का उद्देश्य है।” उसमें कोई दिखावा नहीं, कोई मोक्ष की आकांक्षा नहीं; बस एक निर्मल चित्त है, जिसमें अपने आराध्य को पाने की तृप्ति ही सर्वोच्च है।
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