चल भक्ता दर मां दे चलिए मंदिर में बैठी मैया भजन
चल भक्ता दर मां दे चलिए मंदिर में बैठी मैया भजन
चल मिल आयें एक बार,मंदिर में बैठी मैया,
मैया जगत खिवैया,
जो करती बेड़ा पार,
चल मिल आयें एक बार,
चल मिल आयें एक बार,
चल भक्ता मंदिर चलिए,
माता के मंदिर चलिए।
मंदिर भवन सजी पताका,
सिंघासन बैठी सजी शलाका,
लाल चूनर है सिंगार,
चल मिल आयें एक बार,
चल मिल आयें एक बार,
चल भक्ता मंदिर चलिए,
माता के मंदिर चलिए।
बोल मां के सच्चे मोती,
नैनों में जगमग ज्योति,
करती दूर अंधकार,
चल मिल आयें एक बार,
चल मिल आयें एक बार,
चल भक्ता मंदिर चलिए,
माता के मंदिर चलिए।
मां करती सिंह सवारी,
रहती दुष्ट दलन पे भारी,
करती पापी का संघार,
चल मिल आयें एक बार,
चल मिल आयें एक बार,
चल भक्ता मंदिर चलिए,
माता के मंदिर चलिए।
श्रद्धा भाव हो जो मन में,
मैया दुख दूर करेगी क्षण में,
कृपा पानी हो जो अपार,
राजीव चल मिल आयें एक बार,
चल मिल आयें एक बार,
चल मिल आयें एक बार,
चल भक्ता मंदिर चलिए,
माता के मंदिर चलिए।
।। Mata Rani Ka Bhajan ।। चल भक्ता दर मां दे चलिए | Chal Bhagata Dar Maa De Chaliye
।। प्रभु भक्ति रस ।।
एक भक्त द्वारा माता के जागरण में गाय गया सुंदर माता का भजन।।
प्रभु भक्ति रस में प्रभु प्रेमियों के लिए अच्छे से अच्छे भजन लेने की कोशिश रहती है।
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मंदिर में विराजी मैया जगत की खेवैया बनी हर बेड़ा पार लगाती हैं। सजी पताकाओं वाले भवन में सिंघासन पर लाल चूनर ओढ़े, शलाका सजाए बैठी रहतीं। सच्चे मोती जैसे बोल, नैनों में जगमग ज्योति लिए अंधकार मिटातीं। सिंह सवारी कर दुष्टों पर भारी पड़ीं, पापियों का संहार कर साधक को राह दिखातीं। एक बार चलकर मिल लो, मन में श्रद्धा भाव लो, तो क्षण भर में दुख दूर हो जाते। ये प्रेम की पुकार है, जो दिल को छू लेती, जीवन को नई रोशनी देती।
श्रद्धा से भरा मन मैया की अपार कृपा पा लेता। इश्वर का आशर्वाद हर विपदा हर लेता, बस एक कदम बढ़ा लो मंदिर की ओर। हमें जोड़ते हैं वो उस दिव्य शक्ति से, जहां भक्ति का सागर उमड़ता। करुणा की बरसात होती, प्रेरणा मिलती कि हर दर्द मिट सकता। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री मैया जी की।
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