मेरे मोहन छोटा सा रूप दिखाना भजन

मेरे मोहन छोटा सा रूप दिखाना भजन

छोटे छोटे शीश पर,
छोटा सा मुकुट है,
दिखाना मेरे मोहन,
भक्तों को दर्शन दिखाना,
दिखाना मेरे मोहन,
छोटा सा रूप दिखाना।

छोटे छोटे मुखड़े पर,
मोटी मोटी अखियां,
घुमाना मेरे मोहन,
भक्तों पर नजरें घुमाना,
दिखाना मेरे मोहन,
छोटा सा रूप दिखाना।

लाल लाल होठों पे,
बास की बसूरिया,
बजाना मेरे मोहन,
अंगना में मुरली बजाना,
अंगना में मुरली बजाना,
दिखाना मेरे मोहन,
छोटा सा रूप दिखाना।

छोटे छोटे हाथों में,
छोटी सी उंगलियां,
उठाना मेरे मोहन,
उंगली पर गिरवर उठाना,
घुमाना मेरे मोहन,
उंगली पर चक्कर घुमाना,
दिखाना मेरे मोहन,
छोटा सा रूप दिखाना।

छोटे छोटे पैरों में,
बजनी सी पायलिया,
लगाना मेरे मोहन,
अंगना में ठुमका लगाना,
दिखाना मेरे मोहन,
छोटा सा रूप दिखाना।


दिखाना मेरे मोहन छोटा सा रूप दिखाना...by sur Sangeet Maya Shukla 


मोहन जी का छोटा सा रूप देखते ही साधक के नैन बावरे हो जाते। छोटे मुकुट वाले शीश पर नज़र पड़ते ही दिल झूम उठता, मोटी अखियाँ घुमाकर भक्तों को देख लें तो मन भर आता। लाल होठों से बास की बांसुरी बजे तो अंगना नाच उठे, छोटी उंगलियों से चक्कर घुमाएँ तो गिरवर उठ जाए। पायलिया बजती छोटी टखनियों से ठुमका लगाएँ तो प्रेम की लहर दौड़ पड़े। हमें दिखाते हैं कि इश्वर का आशीर्वाद बाल रूप में भी उतरता है। हर लीला दिल को छू लेती।


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