हरि जी मैंने तुम संग प्रीत लगाई कृष्णा भजन

हरि जी मैंने तुम संग प्रीत लगाई कृष्णा भजन


जो आप ठुकराओगे तो प्यारे,
हम और कहाँ फिर जाएँगे,
छान कर खाक ज़माने भर की,
फिर लौट यहीं पर आएँगे।

नीच अधम कामी कुटिल,
अरे जैसा हूँ मैं तोय,
निज चरणन में राखिए,
मोहे नटवर नंद किशोर।

नटवर नंद किशोर मेरे,
प्राणों से प्यारे,
छोड़ जगत का मोह,
पड़ा मैं तेरे द्वारे।

यार कोई नहीं मिले मुझे,
इस भवसागर के बीच,
दाता अपना लो अभी,
हरि मैं अधम अति नीच।

बन गई तेरी प्रेम दीवानी,
लोक लाज बिसराई,
हरि जी मैंने तुम संग प्रीत लगाई,
नाथ मैंने तुम संग प्रीत लगाई,
श्याम मैंने तुम संग प्रीत लगाई।

बन गई तेरी प्रेम दीवानी,
कोई कहे पगली कोई अंजानी,
प्रेम डोर से बंधी मैं सांवरिया,
प्रेम डोर से बंधी मैं सांवरिया,
लोक लाज बिसराई,
नाथ मैंने तुम संग प्रीत लगाई,
श्याम मैंने तुम संग प्रीत लगाई।

भूल गई कहीं आना जाना,
सूना लगता सारा ज़माना,
लाखों अधम उबारे तूने,
लाखों अधम उबारे तूने,
अब मेरी बारी आई,
नाथ मैंने तुम संग प्रीत लगाई,
श्याम मैंने तुम संग प्रीत लगाई।

बन गई तेरी प्रेम दीवानी,
लोक लाज बिसराई,
हरि जी मैंने तुम संग प्रीत लगाई,
नाथ मैंने तुम संग प्रीत लगाई,
श्याम मैंने तुम संग प्रीत लगाई।



हरी जी मैंने तुम संग प्रीत लगाई। दीदी सुरभि चतुर्वेदी जी।

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
सब्सक्राइब करे यूट्यूब चैनल रस धारा विग्रह सेवा और सुन्दर -सुन्दर भजनो का आनंद लेते रहिये। फूल बंगला , जुगल जोड़ी सरकार सेवा एवं लाइव संकीर्तन बुक करने के लिए सम्पर्क करे - हेमंत नागी ।
 
गायक : दीदी सुरभि चतुर्वेदी जी। 

यह भजन भी देखिये
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post