मैया मै निहाल हो गया मेरी लॉटरी लगवाना भजन
मैया मै निहाल हो गया मेरी लॉटरी लगवाना भजन
मैं नहीं मांगू मैया,मेरी लॉटरी लगवाना
ना मांगू मै बंगला गाड़ी
और ना ही माल खजाना
ओ बिन मांगे तेरे दर से
हर पूरी हुई मुराद
बस भक्त को हर साल ऐ मैया
अपने दर पे तू बुलवाना
सब करदी, सब करदी मुरादे पूरी
मैया मै निहाल हो गया
अब उलझन न कोई मजबूरी
ओ मैया ये कमाल हो गया
माँ करदी मुरादे पूरी
कोई आस रही ना अधूरी
आस रही ना अधूरी
मै बांटू हलवा चुरी
जब से जगाई माँ ज्योत तेरे नाम की
अजब उजाला एक छाया है
मैया दयावान तूने दिया दोनों हाथो से
इतना की झोली ना समाया है
है शुकर करना भी तो जरूरी
तेरा करना शुकर है जरूरी
ये भक्त माला माल हो गया है
सब करदी मुरादे पूरी
ओ मैया मै निहाल हो गया
माँ करदी मुरादे पूरी
कोई आस रही ना अधूरी
आस रही ना अधूरी
मै बांटू हलवा चुरी
कोई कल्याणी, कोई कष्ट निवारणी
कोई वरदानी कह पुकारता
अटल भरोसा जिसे सच्ची लगन है
वही तेरे जलवे निहारता, माँ
माँ बेटे में मिट गयी दूरी
माँ और बेटे में मिट गयी दूरी
ये नाता बेमिसाल हो गया
सब करदी मुरादे पूरी
ओ मैया मै निहाल हो गया
माँ करदी मुरादे पूरी
कोई आस रही ना अधूरी
आस रही ना अधूरी
मै बांटू हलवा चुरी
मन बेईमान रहे हरदम डोलता
दुनिया का मोह भरमाये है
भक्ति राह में फिसलते है पाँव रखे
भक्त को दया तेरी बचाये है
देदी दर की भक्त को मजूरी
माँ पूरा हर सवाल हो गया
सब करदी मुरादे पूरी
ओ मैया मै निहाल हो गया
सब करदी मुरादे पूरी
ओ मैया मै निहाल हो गया
अब उलझन न कोई मजबूरी
ओ मैया ये कमाल हो गया
सब करदी मुरादे पूरी
ओ मैया मै निहाल हो गया
मैया मै निहाल हो गया
मैया ये कमाल हो गया
ओ मैया मै निहाल हो गया
Maiya Mein Nihal Ho Gaya
Singer: Lakhbir Singh Lakkha
Music Director: Durga-Natraj
Lyricist: Saralkavi
Album: Maiya Main Nihaal Ho Gaya
Music Label: T-Series
माँ का दर ऐसा है जहाँ बिन मांगे ही हर मनोकामना पूरी हो जाती। लॉटरी, बंगला या खजाना न मांगकर बस यही दुआ कि हर साल बुलावा आए, ये विश्वास दिल को सुकून देता। दोनों हाथों से इतना देती हैं कि झोली न समाए, कष्ट हर लेतीं, उजाला भर देतीं। जैसे कोई बच्चा माँ की गोद में सारे डर भूल जाता, वैसे ही मन का हर बोझ हल्का हो जाता। निहाल होकर हलवा चुरी बाँटना, ये आनंद तो बस माँ के जलवों से ही मिलता। मन डोलता हो, दुनिया का मोह भटकाए, तो दया की वो छाया हर कदम संभाल लेती।
कल्याणी बनकर कष्ट मिटातीं, वरदान बरसातीं, सच्ची लगन वाले को निहारतीं। बेटे-माँ का नाता इतना गहरा कि दूरी मिट जाती, हर सवाल का जवाब मिल जाता। भक्ति की राह में फिसलन हो तो भी मजूरी देकर दर पर बुला लेतीं। शुक्राना मनाना जरूरी, माला पहनाकर मालामाल कर देतीं। ये प्रेम बेमिसाल है, जो अधूरी आस को पूरा कर निहाल कर देता। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय माँ दुर्गा जी की।
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