सदगुरु से मिलवा चलो भजन

सदगुरु से मिलवा चलो भजन

साखी -संत मिलन को चलिए, और तज माया अभिमान
अरे जो जो पग आगे धरे,तो कोटि अज्ञ समान।
टेक - सतगुरू से मिलवा चालो रे,सजो सिंगारो
हो मालिक से मिलवा चालो रे,सजो सिंगारो
म्हारे सतगुरू लागे प्यारो रे
पिया जी से साहेब जी से...

1.गुरू सबद को झाड़ू लेकर,कचरो परा निवारो रे
फिर सत नाम की टीकी लगाई के,फिर सत्संग सुरमो सारो रे
टेक - पिया से साहेब जी से...
2.लगन लूगड़ी ओढ़ सुहागन,प्रेम की पाटली पाडो रे
गुरुगम कौर किनारी लगाई के,फिर ज्ञान घूंघटो काढ़ो रे
टेक - पिया से साहेब जी से...
3.अरे ज्ञान घाघरो पेर सुहागन ,नेम को नाड़ो डालो रे
करनी की गाँठ जुगत से दीजे ,नितो लोग हंसेगा सारो रे
टेक - पिया से साहेब जी से...
4.अरे और पिया म्हारे अच्छो नी लागे,अजर अमर पिया म्हारो रे
उन पिया से लग रही डोरी,जो एक पलक नहीं न्यारो रे
टेक - पिया से साहेब जी से...
5.अरे साहब कबीर मोहे समृद्ध, दियो सबद टको सारो रे
अरे धरम दास साहब का सरने, अरे सहजे लगियो किनारो
टेक - पिया से साहेब जी से...



सदगुरु से मिलवा चलो | Satguru se milwa chalo | Geeta Parag | Kabir Bhajan ||9669359081
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