माँ तू ही तू माये तू ही तू मातारानी भजन

माँ तू ही तू माये तू ही तू मातारानी भजन

माँ तू ही तू माये तू ही तू,
माँ तू ही तू माये तू ही तू।

जदो अंबर दी कोई,
निशानी ना सी,
ते हवा विच कीते री,
रवानी ना सी,
किते बद्दल ना बारिश,
ना पानी ही सी,
बस सिवा तेरे कुछ भी,
महारानी ना सी,
जद किते कुछ ना सी,
रौशनी ते हवा,
सुन्न ही सुन्न सी,
जग ते छाया हुआ,
मौज वाचेया के,
दुनिया बनाई माँ तू,
बस माँ तू ही तू माये तू ही तू,
माँ तू ही तू माये तू ही तू।

दया तेरी ना अमृत दी बारिश हुई,
सारे संसार नु जिंदगी फिर मिली,
चाँद सूरज विच है रोशनी माँ तेरी,
आदि शक्ति तो वदके कोई भी नहीं,
शेरा वाली है तू,
मेहरा वाली है,
हे महावैष्णवी,
दुर्गा काली है तू,
अपने भगता दी रखदी,
सदा लाज तू,
बस माँ तू ही तू माये तू ही तू,
माँ तू ही तू माये तू ही तू।

बनके मंगता तेरे दर आवे हर कोई,
मेरी माँ वरगा दुनिया विच कोई नहीं,
तेनु सत सत नमन माता ममता मई,
तू तो कण कण दे विच है समाई हुई,
ऐ है धरती गगन,
तेरे चुम गए चरण,
तेनु करदे नमन,
माता होके मगन,
शोर है बस एही,
हर तरफ चारो सु,
बस माँ तू ही तू माये तू ही तू,
हो माँ तू ही तू माये तू ही तू।

तू ते ममता जी माता भंडार है,
भरया दिल विच तेरे प्यार ही प्यार है,
अपणे बच्या ते तेरा माँ उपकार है,
तेरी सेवा दा शर्मा तलबगार है,
माता करके मेहर,
दे मेनू ऐ यो वर,
लख्खा वेखे जिधर,
आवे तू ही नजर,
रवे हर पल मेरे अंग संग रूबरू,
माये तू तू ही तू तू माये तू ही तू,
ओ माँ तू ही तू माये तू ही तू।
 

Maa Tu Hi Tu | Devi Bhajan | LAKHBIR SINGH LAKKHA | DHANYAWAD MERI MAA | Full HD

Singer: Lakhbir Singh Lakkha
Music Director: Durga-Natraj
Lyricist: Guruji Ram Lal Sharma
Album: Dhanyawad Meri Maa
Music Label: T-Series 

जब कुछ भी नहीं था, न आकाश की कोई निशानी, न हवा की सरसराहट, न बादल, न बारिश, न पानी का एक कतरा – तब भी सिर्फ माँ थी। सुन्न-सुन्न जग में मौज उठी और दुनिया बन गई, रोशनी फैली, जीवन जागा। वो आदि शक्ति है, जिसके बिना चाँद-सूरज भी अंधेरे में डूबे रहते। शेरों वाली, मेहर वाली, दुर्गा-काली, महावैष्णवी – हर रूप में वही है, जो भक्तों की लाज रखती है, हर कण-कण में समाई हुई है। धरती-गगन उसके चरण छूते हैं, और सारी सृष्टि मगन होकर नमन करती रहती है।


माँ का वो भंडार कभी खाली नहीं होता, दिल में बस प्यार ही प्यार भरा है। अपने बच्चों पर उपकार करती है, सेवा का शौक दिलाती है। हर तरफ देखो तो वही नजर आती है, हर पल साथ रहती है, रूबरू महसूस होती है। बनके मंगता दर पर आओ तो ममता की बरसात हो जाती है, दुनिया में उस जैसी कोई नहीं। बस माँ ही माँ है, हर सांस में, हर धड़कन में, हर खुशी-दुख में वही तू ही तू। 

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