है कौन बड़ा तुमसे मैया ओ त्रिभुवन भजन
है कौन बड़ा तुमसे मैया ओ त्रिभुवन की प्रतिपाली भजन
नमामि देवी महेश्वरी,
नमामि साक्षात परब्रह्म परमेश्वरी,
नमामि माता सुरेश्वरी।
(मुखड़ा)
है कौन बड़ा तुमसे मैया,
ओ त्रिभुवन की प्रतिपाली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली।
(अंतरा 1)
जो ध्यान तेरा करले मन में,
वो जग से मुक्ति पाए,
(जय माँ! जय माँ! जय माँ! जगदम्बे!)
तू प्रलयकाल में आकर के,
भक्तों को मात बचाए,
अपने भक्तों की करती है,
हर संकट में रखवाली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली।
(अंतरा 2)
जब हाहाकार मचा जग में,
सब सुर और नर घबराए,
(त्राहिमाम! त्राहिमाम! त्राहिमाम! दुर्गे!)
तब त्राहिमाम कह देव सभी,
तेरी शरण में आए,
झट महिषासुर वध करने को,
तूने कृपाण संभाली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली।
(अंतरा 3)
तू ममता की भंडार हो माँ,
हो शिवशक्ति रुद्राणी,
(जय माँ! जय माँ! जय माँ! जगदम्बे!)
नित सुमिरन करते नाम तेरा,
सारी दुनिया के प्राणी,
जिसने जो माँगा वर उसने,
पलभर में चीज़ें पा ली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली।
(अंतरा 4 – समर्पण भाव)
ओ मैया बस तेरी सेवा में ही,
बीते सारा जीवन,
(जय माँ! जय माँ! जय माँ! जगदम्बे!)
एक बार दया कर ‘शर्मा’ और,
‘लख्खा’ को दे दो दर्शन,
अपने भक्तों की विनती को,
बस तू ही सुनने वाली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली।
(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
है कौन बड़ा तुमसे मैया,
ओ त्रिभुवन की प्रतिपाली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली,
जगदम्बे दुर्गे काली,
मेरी मैया शेरावाली।।
Hai Kaun Bada Tumse Maiya | Hindi Devotional | by Lakhbir Singh Lakkha
Song : Hai Kaun Bada Tumse Maiya
Album : Maiya Meri Laaj Rakh Le
Singer : Lakhbir Singh Lakkha
Category : Hindi Devotional
जब मन में माँ दुर्गे का नाम गूँजता है, तो जैसे सारी दुनिया की हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है। वो त्रिभुवन की माँ, जो जगदम्बा हैं, काली हैं, महेश्वरी हैं, परब्रह्म की साक्षात परमेश्वरी हैं—उनसे बड़ा कौन? जो भक्त दिल से उनका ध्यान करता है, वो जग की हर बंधन से मुक्त हो जाता है। प्रलय के समय भी वो भक्तों को माँ की तरह बचाती हैं, संकट में हर रखवाली करती हैं। जब जग में हाहाकार मचता है, देव-असुर सब घबराते हैं, तब त्राहिमाम की पुकार सुनकर वो महिषासुर का वध करती हैं, कृपाण थामकर हर बुराई को चीर देती हैं।
माँ की ममता का कोई ठिकाना नहीं—वो शिवशक्ति हैं, रुद्राणी हैं, जिनका नाम हर प्राणी नित सुमिरन करता है। जो भी उनके सामने कुछ माँगता है, पल भर में वो मिल जाता है। बस सेवा में जीवन बीत जाए, बस एक बार दया करके दर्शन दे दें—ये विनती है हर भक्त की, क्योंकि सुनने वाली सिर्फ वही हैं। शेरावाली माँ की वो कृपा हर संकट को हर लेती है, हर दिल को शांति देती है। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय माँ दुर्गे जी की। जय माँ काली जी की।
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