मेरा तार हरि से जोड़े ऐसा कोई संत मिले

मेरा तार हरि से जोड़े ऐसा कोई संत मिले

मेरा तार हरि से जोड़े,
ऐसा कोई संत मिले,
मेरा तार हरि से जोड़े,
ऐसा कोई संत मिले।

टुटा तार हुआ अँधियारा,
हरि दिखे ना हरि का द्वारा,
मेरा बिछड़ा मीत मिला दे,
ऐसा कोई संत मिले,
मेरा तार हरी से जोड़े,
ऐसा कोई संत मिले।

जोड़े तार करे उजियारा,
अंतर में ना रहे अँधियारा,
मेरा आतम रूप लखा दे,
ऐसा कोई संत मिले,
मेरा तार हरी से जोड़ें,
ऐसा कोई संत मिले।

जब मैं अटकू जब मैं भटकूं,
हरि के मिलन को जब में तड़पूं,
मेरी बाह पकड़ के मिला दे,
ऐसा कोई संत मिले,
मेरा तार हरी से जोड़ें,
ऐसा कोई संत मिले।

हँसा हस कर जाए हमारा,
माया जाल ना फसे बिचारा,
मेरे हंस को मोती चुगा दे,
ऐसा कोई संत मिले,
मेरा तार हरी से जोड़ें,
ऐसा कोई संत मिले।

निज में निज का बोध करा दे,
हरे पाप हरिहर से मिला दे,
मेरी सीधी बात करा दे,
ऐसा कोई संत मिले,
मेरा तार हरी से जोड़ें,
ऐसा कोई संत मिले।
 


Mera taar Hari se :Bhajans Sant Digvijayramji Chittorhagarh Chaturmas Indore/ Ramsnehi Sampraday/

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