मेरे चन्द्रप्रभु भगवान तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी जैन भजन
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी जैन भजन
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी,
मन आनंद से है भरा,
और महके आत्मा की क्यारी,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
माता लक्ष्मणा के जाए,
आए प्रभु जी आए,
करने सभी भक्तों का कल्याण,
ज्ञान के सागर हैं ये,
प्रेम की गागर हैं ये,
वीतरागी मेरे भगवान,
हैं तीन लोक के नाथ,
हैं जिनवर ये उपकारी,
जैसे चमके दूज का चाँद,
हैं करुणा की मूरत प्यारी,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
कुमकुम कलश सजाओ,
मोतियों से चौक पुराओ,
नगरी सजाओ सब मिलकर के,
द्वार तोरण बंधाओ,
पलकें राहों में बिछाओ,
आएँगे आज हमारे प्रभुवर,
सखी मंगल गावो आज,
सँग बजेंगे मधुर साज,
शुभ मंगल बेला आज,
जय चन्द्र प्रभु जिनराज,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
केसर कुमकुम लगाओ,
रंग गुलाल उड़ाओ,
मेहंदी लगाओ सबके हाथ,
नागोठाणा की धरती,
स्वर्ग सी आज लगती,
अद्भुत नजारा मेरे गाँव का,
हुआ स्वप्न ये साकार,
आए चन्द्र प्रभु सरकार,
छाई खुशियों की बहार,
बोले निखिल जयकारा,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी,
मन आनंद से है भरा,
और महके आत्मा की क्यारी,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी,
मन आनंद से है भरा,
और महके आत्मा की क्यारी,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
माता लक्ष्मणा के जाए,
आए प्रभु जी आए,
करने सभी भक्तों का कल्याण,
ज्ञान के सागर हैं ये,
प्रेम की गागर हैं ये,
वीतरागी मेरे भगवान,
हैं तीन लोक के नाथ,
हैं जिनवर ये उपकारी,
जैसे चमके दूज का चाँद,
हैं करुणा की मूरत प्यारी,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
कुमकुम कलश सजाओ,
मोतियों से चौक पुराओ,
नगरी सजाओ सब मिलकर के,
द्वार तोरण बंधाओ,
पलकें राहों में बिछाओ,
आएँगे आज हमारे प्रभुवर,
सखी मंगल गावो आज,
सँग बजेंगे मधुर साज,
शुभ मंगल बेला आज,
जय चन्द्र प्रभु जिनराज,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
केसर कुमकुम लगाओ,
रंग गुलाल उड़ाओ,
मेहंदी लगाओ सबके हाथ,
नागोठाणा की धरती,
स्वर्ग सी आज लगती,
अद्भुत नजारा मेरे गाँव का,
हुआ स्वप्न ये साकार,
आए चन्द्र प्रभु सरकार,
छाई खुशियों की बहार,
बोले निखिल जयकारा,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी,
मन आनंद से है भरा,
और महके आत्मा की क्यारी,
मेरे चन्द्रप्रभु भगवान,
तेरी प्रतिष्ठा है मनोहारी।
मेरे चंदप्रभु भगवान Nikhil Lalit Sonigra #nagothane #jainsong #raigad #jainbajan #bhakti
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भावभरा आमंत्रण
श्री चंद्रप्रभस्वामी भगवान की जय…!
नागोथाना नगरे अंजनशलाका प्रतिष्ठा महा मोहत्सव
रायगड धर्मजगृती प्रतिबोधक प.पू.आ.भ श्रीमद विजय देवकीर्तीसूरीश्वर्जी म.सा
ज्ञानमग्न सयमप्रेमी प.पू.प श्री रत्नाकीर्तीविजयजी गणी आदि श्रमण - श्रमणी भगवंतो के शुभ नीश्रा मे दि ७/०२/२०२५ को संपन्न हो रहा है
श्री चंद्रप्रभस्वामी भगवान की जय…!
नागोथाना नगरे अंजनशलाका प्रतिष्ठा महा मोहत्सव
रायगड धर्मजगृती प्रतिबोधक प.पू.आ.भ श्रीमद विजय देवकीर्तीसूरीश्वर्जी म.सा
ज्ञानमग्न सयमप्रेमी प.पू.प श्री रत्नाकीर्तीविजयजी गणी आदि श्रमण - श्रमणी भगवंतो के शुभ नीश्रा मे दि ७/०२/२०२५ को संपन्न हो रहा है
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Author - Saroj Jangir
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