दर दर की ठोकर खा कर के तेरी शरण में आये माँ भजन

दर दर की ठोकर खा कर के तेरी शरण में आये माँ भजन

दर दर की ठोकर खा कर के तेरी शरण में आये माँ,
श्रद्धा के दो आंसू है भेट नहीं कुछ लाये माँ,
दर दर की ठोकर खा कर के तेरी शरण में आये माँ,

तेरे सिवा है अम्बे रानी कोई नहीं यहाँ मेरा है,
मतलब की इस दुनिया में माँ सिर्फ भरोसा तेरा है,
क्या क्या बतालाऊ मियां जी जग के बड़े सताये माँ,
श्रद्धा के दो आंसू है भेट नहीं कुछ लाये माँ,

माँ और बेटे का तो जग में बड़ा ही निरमल नाता है,
हे जगजननी जगदम्बे तू ही भाग्ये विधयता है,
अपनों ने जो जख्म दिए है तुम्हे दिखाने आये माँ,
श्रद्धा के दो आंसू है भेट नहीं कुछ लाये माँ,

तुमने सुनो गी तो मेरी मैया और कहा अब जाऊ मैं ,
अपने दिल का हाल बता दो किसको आज सुनाऊ मैं,
नैना मेरे रो रो कर के कैसे नीर बहाये माँ ,
श्रद्धा के दो आंसू है भेट नहीं कुछ लाये माँ,

भीम साइन माँ की किरपा से ऐसी फिर करामात हुई,
धन दौलत इज्जत सोहरत की बिन मासूम बरसात हुई,
भूले न एहसान ये राणा गुण तेरा ही गाये माँ,
श्रद्धा के दो आंसू है भेट नहीं कुछ लाये माँ,



माता रानी ने एक दुखियारी के मृत बच्चे को जीवित किया - तेरी शरण में आये माँ Aman Rana Mata Ke Bhajan

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स आध्यात्मिक भजन गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post