माँ पावा ते गढ़ थी उतरया रे महाकाली भजन

माँ पावा ते गढ़ थी उतरया रे महाकाली भजन

माँ पावा ते गढ़ थी,
उतरया रे महाकाली रे,
माड़ी वसाव्यु चांपानेर,
पावागढ़ वाली रे।

माँ चांपा ते नेर ना चार,
चौता रे महाकाली रे,
ईया माळीड़े मांड्या हाट,
पावागढ़ वाली रे,
माँडी माळीड़ो लावे,
फूलडा रे महाकाली रे,
म्हारी अम्बा भवानी ने काज,
पावागढ़ वाली रे,
माँ पावा ते गढ़ थी,
उतरया रे महाकाली रे,
माड़ी वसाव्यु चांपानेर,
पावागढ़ वाली रे।

माँ चांपा ते नेर ना चार,
चौटा रे महाकाली रे,
ईया दोशिडे मांड्या हाट,
पावागढ़ वाली रे,
माँडी दोशिड़ो लावे चुंदड़ी,
रे महाकाली रे,
म्हारी अम्बा भवानी ने काज,
पावागढ़ वाली रे,
माँ पावा ते गढ़ थी,
उतरया रे महाकाली रे,
माड़ी वसाव्यु चांपानेर,
पावागढ़ वाली रे।

माँडी चांपा ते नेर ना चार,
चौटा रे महाकाली रे,
ईया सोनिडे मांड्या हाट,
पावागढ़ वाली रे,
माँडी सोनिड़ो लावे झूमणा,
रे महाकाली रे,
म्हारी अम्बा भवानी ने काज,
पावागढ़ वाली रे,
माँ पावा ते गढ़ थी,
उतरया रे महाकाली रे,
माड़ी वसाव्यु चांपानेर,
पावागढ़ वाली रे।


Maa Pava Te Gadh Thi Utarya - Kanu Patel Na Garba - Full HD Video : Garba Song : Soormandir

Song : Maa Pava Te Gadh Thi Utarya
Album : Dhol Vage Se
Singer : Kanu Patel
Music: Appu
Label : Soor Mandir

पावागढ़ की चोटी पर वो शक्ति का अवतार उतरा, जब चांपानेर की धरती पर वास हुआ। मां ने माली, दोशी और सोनी जैसे भक्तों को हाट पर बुलाया, फूल, चुंदड़ी, झुमके चढ़ाए। साधक को लगता है जैसे अम्बा भवानी खुद आकर काज सिद्ध करें, हर विपत्ति में साथ दें। हमें याद दिलाते हैं कि पहाड़ी गढ़ से आई ये कृपा, जीवन की हर चुनौती को पार करा देती है। वो नेर ना चार का आह्वान सुनकर ही मन भर आता है, जैसे कोई मां पुकारे।

तूफानों में भी मां का हौसला बांटती है, भक्तों के आभूषणों से सजकर। इश्वर का आशर्वाद हर घर तक पहुंचे, तो डर कैसा? साधक की मनोकामना यही है कि म्हारी अम्बा हमेशा साथ रहे, कष्ट हर ले। ये विश्वास दिल को छू जाता है, जैसे पहाड़ की हवा में मां की महक घुली हो। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री महाकाली जी की। 
 
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