माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे भजन
माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे भजन
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे,
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
तू है दयालु बड़ी माँ वीणा पानी,
करती दया हो सब पे आंबे भवानी,
मैया विद्या का आके हम को भी भण्डार दे,
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
करदो हमारी आज माँ पूरी आशा,
कब से है शर्मा तेरे दर्शन को प्यासा,
मैया दर्शन हमे भी आके माँ इक बार दे
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
मांगे न लखा तुमसे दौलत खजाना,
साथ स्वरों का मुझे अमृत पिलाना,
मैया मेरी माता के जैकार बस प्यार दे
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
तू है दयालु बड़ी माँ वीणा पानी,
करती दया हो सब पे आंबे भवानी,
मैया विद्या का आके हम को भी भण्डार दे,
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
करदो हमारी आज माँ पूरी आशा,
कब से है शर्मा तेरे दर्शन को प्यासा,
मैया दर्शन हमे भी आके माँ इक बार दे
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
मांगे न लखा तुमसे दौलत खजाना,
साथ स्वरों का मुझे अमृत पिलाना,
मैया मेरी माता के जैकार बस प्यार दे
माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे ॥
ओ मैया हम तो है बालक तेरे माँ शारदे माँ शारदे || Superhit Navratri Bhajan {HD Video} नवरात्रि भजन
Maa Sharde, Maa Sharde, ho Maiya, hum to hain balak tere,
Maa Sharde, Maa Sharde, ho Maiya, hum to hain balak tere.
माँ शरदा के चरणों में जैसे कोई छोटा बच्चा सिर रखकर बैठ गया हो, हाथ जोड़कर बस यही कह रहा हो कि हम तो तेरे ही बालक हैं। तू दयालु है, वीणा हाथ में लिए, ज्ञान की धारा बहाती है, और आंबे भवानी बनकर सब पर कृपा बरसाती है। विद्या का वो अनमोल भंडार जो तू सबको देती है, वो थोड़ा-सा हमको भी दे दे माँ, क्योंकि तेरे बिना मन सूना रह जाता है। जैसे कोई मासूम माँ से कहे, "माँ, बस थोड़ी सी रोशनी दे दे, अंधेरा बहुत हो गया है," और आँखें भर आएँ।
दर्शन की प्यास सालों से मन में जल रही है, आशा अधूरी पड़ी है, लेकिन आज बस यही गुहार है कि एक बार आकर दिखा दे अपना रूप। दौलत-खजाना नहीं चाहिए, न कोई बड़ा माँगना है, बस स्वरों का वो अमृत पिला दे जो दिल को तृप्त कर दे। माँ के जैकारों में प्यार घुला रहे, वो प्रेम जो जीवन भर साथ दे। माँ शरदा की कृपा से मन हल्का हो जाता है, जैसे बच्चे को माँ की गोद मिल गई हो, सब डर भाग जाएँ और बस खुशी रह जाए। ये पुकार दिल से निकलती है, और माँ सुनती हैं, क्योंकि बच्चे की बात कभी टालती नहीं।