मेरे दिल की है ये आखिरी इल्तज़ा भजन

मेरे दिल की है ये आखिरी इल्तज़ा भजन

मेरे दिल की है ये,
आखिरी इल्तज़ा,
मैं तुझे ढूंढ लूं,
तू जहां भी रहे,
मेरे सिर पे सदा,
तेरा हाथ हो,
मैं कहां भी रहु,
तू कहां भी रहे,
मेरे दिल की है ये,
आखिरी इल्तज़ा।

बूझ भी जाये सभी,
मेरे घर बत्तियां,
फिर भी जलती रहे,
ये अगरबतियाँ,
धड़कनों में तेरी,
लौ चमकती रहे,
चाहे फिर आंख में,
कुछ धुआँ भी रहे,
मेरे दिल की है ये,
आखिरी इल्तज़ा।

आदमी जो भी दे,
खत्म हो कर रहे,
साई ने जो दिया,
खत्म होता नहीं,
साई दौलत मगर,
सिर्फ उसको मिले,
जिसपे साई नजर,
मेहरबान भी रहे ,
मेरे दिल की है ये,
आखिरी इल्तज़ा।

लोग चाहे मेरा,
दिल जलाते रहे,
तेरा दीपक सदा,
मैं जलाती रहुं,
है मेरी आरजू,
हर अँधेरे में तू,
पास रह कर मेरा,
पास भी नहीं,
मेरे दिल की है ये,
आखिरी इल्तज़ा।

हर तरफ बिजलियाँ,
अब कड़कने लगी,
जैसे तूफ़ान सा,
कोई आने को है,
साई का नाम लो,
और दुआएं करो,
रास्ता भी रहे,
कारवां भी रहे,
मेरे दिल की है ये,
आखिरी इल्तज़ा।


गुरुवार Special साईं भजन I Mere Dil Ki Hai Ye I ANURADHA PAUDWAL I HD Video I Sai Amrit
 
 
Sai Bhajan: Mere Dil Ki Hai Ye
Singer: Anuradha Paudwal
Music Director: Pt. K. Razdan
Lyricist: Pt. K. Razdan
Album: Sai Amrit
 
जीवन की हर राह पर एक साथी की तलाश बनी रहती है, जो हर कदम पर हाथ थाम ले। अंधेरे में भी अगरबत्ती की वो लौ जलती रहे, तो डर क्या लगेगा? साधक को लगता है जैसे कोई ऊपर से नजर रखे, हर धड़कन में बस वो ही बसता रहे। चाहे दुनिया की बत्तियां बुझ जाएं, वो आंतरिक ज्योति कभी मिटे नहीं। हमें सिखाते हैं कि सच्ची दौलत वही है, जो कभी खत्म न हो, बस मेहरबानी से मिले और हमेशा साथ दे।

तूफान आए, बिजलियां कड़कें, पर नाम का जाप करते ही रास्ता साफ हो जाता है। साधक की आरजू यही है कि हर अंधेरे में वो करीब रहे, भले दिखे न दिखे। इश्वर का आशर्वाद हर पल महसूस होता है, जब कारवां भी साथ चले। ये विश्वास दिल को सुकून देता है, जैसे कोई पुराना दोस्त कहे- सब ठीक हो जाएगा। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री साईं जी की।
 
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