सब जगमग दीप जलाओ जी
सब जगमग दीप जलाओ जी भजन
सब जगमग दीप जलाओ जी,
आई दिवाली आई,
आई दिवाली आई,
ओ लेकर खुशहाली आई।
सब मिलकर मंगलाचार करो,
श्रीसतगुरु की जय जयकार करो,
मिलकर के मिलकर के,
मिलकर के आरती गाओ जी।
राम अवध में आये,
सुख समृद्धी संग लाये,
स्वागत में स्वागत में,
स्वागत में फूल बिछाओ जी।
चहूं ओर छाई उजियाली,
सब मिल मनाओ दिवाली,
घर आंगन घर आंगन,
घर आंगन आज सजाओ जी।
सतगुरु इस युग में आये,
भक्ति मुक्ति संग लाये,
स्वागत में स्वागत में,
स्वागत में फूल बिछाओ जी।
सब जगमग दीप जलाओ जी,
आई दिवाली आई,
आई दिवाली आई,
ओ लेकर खुशहाली आई।
आई दिवाली आई,
आई दिवाली आई,
ओ लेकर खुशहाली आई।
सब मिलकर मंगलाचार करो,
श्रीसतगुरु की जय जयकार करो,
मिलकर के मिलकर के,
मिलकर के आरती गाओ जी।
राम अवध में आये,
सुख समृद्धी संग लाये,
स्वागत में स्वागत में,
स्वागत में फूल बिछाओ जी।
चहूं ओर छाई उजियाली,
सब मिल मनाओ दिवाली,
घर आंगन घर आंगन,
घर आंगन आज सजाओ जी।
सतगुरु इस युग में आये,
भक्ति मुक्ति संग लाये,
स्वागत में स्वागत में,
स्वागत में फूल बिछाओ जी।
सब जगमग दीप जलाओ जी,
आई दिवाली आई,
आई दिवाली आई,
ओ लेकर खुशहाली आई।
Diwali Special Bhajan 2023 | सब जगमग दीप जलाओ जी |आई दिवाली आई |
जब मानव अपने भीतर के अंधकार को मिटा कर दिव्यता का दीप जलाता है। यहाँ दीपावली केवल बाह्य उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा के आलोक का उत्सव है। “सब जगमग दीप जलाओ जी” यह आह्वान है कि हर मन में प्रेम, सत्य और सद्भावना का प्रकाश जले। जब श्रीराम अवध लौटे, तब समस्त नगर आलोकित हुआ — न केवल दीपों से, बल्कि आस्था और धर्म की ज्योति से। वही ज्योति आज भी प्रत्येक हृदय में प्रज्वलित की जा सकती है, यदि मन ईश्वर की उपस्थिति को पहचान ले। यह भाव संकेत करता है कि जब धर्म और कर्तव्य का संगम होता है, तो जीवन में दीये केवल तेल के नहीं, बल्कि चेतना के प्रकाश से जलते हैं। |
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