कैसे मिलन हो तेरा मोहन भजन

कैसे मिलन हो तेरा मोहन भजन

कैसे मिलन हो तेरा मोहन जरा बता दे,
मुझको मेरे कर्म की ऐसी तो ना सजा दे....

तेरी एक झलक को प्यारे नजरें तरस रही हैं,
सावन की बदली जैसे कब से बरस रही है,
कहीं बन ना जाए सागर बूंदें टपक टपक कर,
कैसे मिलन हो तेरा.....

तेरी राह में कन्हैया अश्कों को यूं बहाया,
तारे लगे अरस की पलकों पे यू सजाया,
नहीं पांव होंगे मेले आ जाना बेझिझक कर,
कैसे मिलन हो तेरा....

मेरी चाहतों का मोहन ना इम्तिहान लेना,
चाहत में तेरी मुझको आता है जान देना,
मैं यूं ही जी रही हूं तिल तिल तरस तरस कर,
कैसे मिलन हो तेरा....

कैसे जियूं मैं तुम बिन मेरा कौन है सहारा,
कोई नहीं हमारा बस तू ही है हमारा,
कभी आ भी जाओ मोहन यूंही राह चलते चलते,
कैसे मिलन हो तेरा....



Kaise Milan Ho Tera Mohan || कैसे मिलन हो तेरा, मोहन ज़रा बता दे II Full Length Bhajan

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स आध्यात्मिक भजन गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post