आजा कलयुग में लेके अवतार लिरिक्स

आजा कलयुग में लेके अवतार लिरिक्स

आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविंद,
अपने भक्तों की सुन ले पुकार ओ गोविन्द ।

यमुना का पानी तोसे करता सवाल है,
तेरे बिना देख जरा कैसा बुरा हाल है,
काहे तूने तोड़ लिया प्यार ओ गोविन्द,
अपने भक्तों की सुन ले पुकार ओ गोविन्द ।

निकला है सवा मन सोना जिस कोख से,
गाये बिचारि मरे बिना चारे बिना भूख से,
गैय्या को दिया दुत्कार ओ गोविन्द,
अपने भक्तों की सुन ले पुकार ओ गोविन्द ।

घर घर में माखन की जगह शराब है,
कलयुगी गोपिया तो बहुत ही खराब है,
धर्म तो बन व्यापार ओ गोविन्द,
अपने भक्तों की सुन ले पुकार ओ गोविन्द ।

अब किसी द्रोपती बचती ना लाज रे,
बिगड़ा जमाना भए उलटे ही काज रे,
कन्सो की बनी सरकार ओ गोविन्द,
अपने भक्तों की सुन ले पुकार ओ गोविन्द ।

आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविन्द,
अपने भक्तों की सुन ले पुकार ओ गोविन्द ।
 
 

Aaja kalyug me leke avtaar o govind

"Aaja kaliyug mein leke avtaar, O Govind,
Apne bhakton ki sun le pukaar, O Govind.

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