कईया भुली बेमाता म्हारी लिखणा ये भजन

कईया भुली बेमाता म्हारी लिखणा ये भजन

समय बड़ा बलवान है,
नहीं पुरुष बलवान।
भीलन लूटी गोपिका,
वही अर्जुन वही बाण।

कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे,
लिखणा पढ़णा लिखणा रे,
लिखणा पढ़णा लिखणा रे,
कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे।

बड़ पीपल के पान न लिखिया,
नागर बेल के फल न रे,
कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे।

सोना मांहि सुगंध न दीन्ही,
कस्तूरी में रंग न रे,
कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे।

ओगड़ नारी के पांच पुत्र है,
पतिव्रता के सुत न रे,
कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे।

तुलसीदास विधाता से अरजी,
उलट पलट थारी रचना रे,
कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे।

कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे,
लिखणा पढ़णा लिखणा रे,
लिखणा पढ़णा लिखणा रे,
कैया भुली बे माता म्हारी लिखणा रे।



केया भूली भेमाता म्हारी लिखना ये || BHEMATA BHAJAN || RAJ STUDIO LIVE || 1080 HD VEDIO SONG ||

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Singer - Dharmendar gawadi
Music - dinesh pander
Recording - raj dj rayala
Video - Anshuman r. jha
Lable - Rajasthani Folk Media
Copyright - Rajasthani Folk Media
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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