कर दो कृपा भैंरुजी भजन

कर दो कृपा भैंरुजी भजन

 
कर दो कृपा भैंरुजी भजन

हो करदो कृपा भैरूंजी,
खड़ा मैं तेरे द्वार,
कश्ती मेरी मझधार में,
लगाओ ना पार।

मेवा नगरी है दूर बड़ी,
मेरी झोली भी सुनी पड़ी,
आया हूं तेरे दर महाराज,
तुम हो सारे जगत के धड़ी,
लहरें बड़ी बड़ी है,
डूबे ना मेरी नाव,
कश्ती मेरी मझधार में,
लगाओ ना पार।

तेरे दर पर है भक्त खड़े,
काम करते बड़े से बड़े,
मुझ को क्या डर है ऐ मेरे नाथ,
आप स्वयं मेरे साथ खड़े,
जब कंठ प्राण आए,
करदो मेरा उद्धार,
कश्ती मेरी मझधार में,
लगाओ हो पार।



कर दो कृपा भेरुजी !! Kar Do Kripa Bheruji !! Latest Bhajan Of Nakoda Bheruji 2021 on #Sanseinn

भक्ति की यह करुण पुकार जीवन के उस क्षण की आवाज़ है जब मनुष्य सभी सांसारिक आश्रयों से थककर, ऊँचे विश्वास के सागर में भैरव की ओर मुड़ता है। वह जानता है कि उसके अपने बल से यह जीवन-सागर पार होना संभव नहीं। जब परिस्थितियाँ तूफ़ान बन जाएँ, जब मन की नाव डगमगाने लगे, तब केवल एक ही पतवार शेष रहती है—भैरू जी की कृपा।

भैरव का दर वह स्थान है जहाँ भय समाप्त होता है और भरोसा जन्म लेता है। उनकी भक्ति कोई लोभ नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण का आकार है—“मैं खड़ा हूँ तेरे द्वार, तू ही सहारा है।” मेवा नगरी की दूरी और सूनी झोली का रूपक सांसारिक अभाव का संकेत है, पर भैरव कृपालु हैं—वे झोली खाली नहीं रहने देते। जब जीवन की लहरें ऊँची हों, जब संसार का प्रवाह निगलने को आए, तब जो उनके चरणों को थाम लेता है, वह विनाश नहीं, मुक्ति की ओर बहता है।

Singer - Vaibhav Soni & Shivam Pandit
Lyrics - Divyansh Jain (8349253371) ‪@Musical_shivam‬
Music Arrangement & Mixing - Akhil Purohit ‪@shreeraatimusic‬
Director - Mohit Soni
Keyboard Music - Sonu Ghelot & Mohit Soni
Flute - Bhupendra Gandharv
यह भजन भी देखिये
भैरुनाथ रे ओ भैरुनाथ रे भजन
श्री भैरव आरती अर्थ और महत्त्व
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.


पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Next Post Previous Post