मत सोच तू अकेला तेरे साथ तेरा भोला भजन
मत सोच तू अकेला तेरे साथ तेरा भोला शिव भजन
मत सोच तू अकेला,
तेरे साथ तेरा भोला है,
रहता है तेरे आस पास,
जय हो भोलेनाथ,
जय हो भोलेनाथ,
रहता है तेरे आस पास,
सुनता है तेरी सारी बात,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
टूटने ना देगा,
बिखरने ना देगा,
नजर में किसी की,
गिरने ना देगा,
अतरंगी सतसंगी है,
बड़ा ही वो अलबेला है,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
लगा के रखेगा,
हृदय से हमेशा,
हमेशा वो तेरी,
हिफाजत करेगा,
बैरागी अविनाशी है,
संसार में निराला है,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
डमरू के बोल से,
शिव के त्रिशूल से,
कष्ट नष्ट होते हैं,
सभी जड़ मूल से,
अनुरागी सन्यासी है,
महादेव मतवाला है,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
तेरे साथ तेरा भोला है,
रहता है तेरे आस पास,
जय हो भोलेनाथ,
जय हो भोलेनाथ,
रहता है तेरे आस पास,
सुनता है तेरी सारी बात,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
टूटने ना देगा,
बिखरने ना देगा,
नजर में किसी की,
गिरने ना देगा,
अतरंगी सतसंगी है,
बड़ा ही वो अलबेला है,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
लगा के रखेगा,
हृदय से हमेशा,
हमेशा वो तेरी,
हिफाजत करेगा,
बैरागी अविनाशी है,
संसार में निराला है,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
डमरू के बोल से,
शिव के त्रिशूल से,
कष्ट नष्ट होते हैं,
सभी जड़ मूल से,
अनुरागी सन्यासी है,
महादेव मतवाला है,
मत सोच तू अकेला है,
तेरे साथ तेरा भोला है।
मत सोच तू अकेला तेरे साथ तेरा भोला हैं Tere Sath Tera Bhola Hai | Shiv Bhajan | Shiv Song | Bhajan
Singer: Nirupama DeyLyrics: Kameshvar Shukla
Music: Samuel Paul
Music Label: Wings Music
भगवान शिव की अनुपस्थिति कभी संभव नहीं, वे हर सांस में, हर पल में व्याप्त रहते हैं, जैसे कि सृष्टि का आधार स्वयं। उनकी भोली भक्ति भक्तों को कभी अकेला महसूस नहीं होने देती, बल्कि हर विपत्ति में सहारा बनकर उभरती है। वे हृदय के निकट रहकर रक्षा का भाव जगाते हैं, टूटन को रोकते हैं और बिखराव से बचाते हैं। शिव की यह निकटता सनातन परंपरा में आदियोगी के रूप में वर्णित है, जहां वे योग और ध्यान के माध्यम से आत्मा को मजबूत बनाते हैं, ताकि संसार की माया में भी स्थिरता बनी रहे। उनकी अविनाशी शक्ति बैरागी जीवन से प्रेरित होकर हर जीव को हिफाजत का आश्वासन देती है, जैसे कि त्रिदेवों में संहारक के रूप में वे संतुलन बनाए रखते हैं।
शिव के डमरू के नाद से अनंत ध्वनियां उत्पन्न होती हैं, जो कष्टों को जड़ से नष्ट कर देती हैं, जबकि त्रिशूल की धार हर बाधा को काट फेंकती है। वे अतरंगी और अलबेला स्वभाव से भरे होते हैं, जो सत्संग की मधुरता से जीवन को रंगीन बनाते हैं। महादेव का मतवाला रूप अनुरागी सन्यासी की तरह संसार से निराला है, जहां वे भक्तों के सारे दुख हर लेते हैं। शिव पुराण में वर्णित इन गुणों से जीवन में शांति और समृद्धि का आगमन होता है, जो भक्ति के माध्यम से प्राप्त होता है।
शिव के डमरू के नाद से अनंत ध्वनियां उत्पन्न होती हैं, जो कष्टों को जड़ से नष्ट कर देती हैं, जबकि त्रिशूल की धार हर बाधा को काट फेंकती है। वे अतरंगी और अलबेला स्वभाव से भरे होते हैं, जो सत्संग की मधुरता से जीवन को रंगीन बनाते हैं। महादेव का मतवाला रूप अनुरागी सन्यासी की तरह संसार से निराला है, जहां वे भक्तों के सारे दुख हर लेते हैं। शिव पुराण में वर्णित इन गुणों से जीवन में शांति और समृद्धि का आगमन होता है, जो भक्ति के माध्यम से प्राप्त होता है।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
