जम्मू दी पहाड़िया ते डेरा लाऊँन वालिये भजन

जम्मू दी पहाड़िया ते डेरा लाऊँन वालिये भजन

जम्मू दी पहाड़िया ते डेरा लाऊँन वालिये लिरिक्स Jammu Di Pahadiya Te Dera Bhajan Lyrics

जम्मू दी पहाड़िया ते,
डेरा लाऊँन वालिये,
मिश्री तो मिठ्ठा तेरा नां,
नी दातिए,
पूजा तेरी हुनदी हर था।

तिन्ना लोकां विच,
किते तेरे जेही दयावान,
होर किथे लबनी ए माँ,
नी दातिए,
पूजा तेरी हुनदी हर था।

लखां दिया तेरे बूहे,
तर गईया बेड़िया,
दुनिया च कोन मायें,
रीसा करे तेरिया।

तेरिया दहलीजा नाल,
मथे जो भी जोड़दे,
मुँह ओ दुखां दी,
हनेरिया दे मोड़दे,
माड़े मंदे कर्मा दी,
साड़ देंदी अग्ग मायें,
ठंडी तेरी ममता दी छां।

पूजदे ने तैनू जेहड़े,
नीतां रख सुच्चिया,
जग विच पदवियाँ,
ओ पाऊंन उच्चिया,
जिहना भी भरोसे दिया,
ज्योता ए जगाइया,
भूल के भी आफ़ता ना,
ओहना नेड़े आईया।

राहों ना कुराहे कोई,
पा सके उसनु माँ,
तु जेहदी फड़दी ए बांह,
नी दातिए,
पूजा तेरी हुनदी हर था।

मेहरां दिया जिहना,
उत्ते चुन्नियाँ तू तानियां,
ओहना ने ता सूलां भी,
ए फूलां वांगु जानियां।

जिहना ने भी मौत नू,
खिडोने जिहा जानया,
ओहना ही ता भगतां,
प्यार तेरा मानया।

जिंदड़ी नू तेरे माँ,
पूजारियां ने समझया,
रात किवें कटनी सरां,
नी दातिए,
पूजा तेरी हुनदी हर था।


जम्मू दी पहाड़िया ते डेरा लाऊँन वालिये,मिश्री तो मिठ्ठा तेरा नां।। नरेंद्र चंचल भजन ।।

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Bhajan: Jammu Di Pahadiye Te Dera
Singer: Narendra Chanchal
Music Director: Surinder Kohli
Lyricist: Balbir Nirdosh
Album: Sar Pe Chunri Baandh Ke Lal
Music Label: T-Series
 
जब माँ की वो ममता याद आती है, तो जैसे सारे दुखों की आग ठंडी हो जाती है। वो दातिए जो तीनों लोकों में सबसे दयावान हैं, जिनकी पूजा हर जगह, हर दिल में होती है—उनके दर पर लखों बेड़ियाँ तर गईं, दुनिया में कोई उनकी बराबरी नहीं कर सकता। जिन्होंने भी उनके दहलीज पर माथा टेका, उनके मुँह से दुखों की अंधेरी रातें मुड़ गईं, बुरे कर्मों की आग सुलगकर राख हो गई। माँ की वो ठंडी छाँव में बैठकर लगता है कि जीवन की हर मुश्किल हल्की हो गई हो।

जो भक्त नीतियाँ सुच्ची रखते हैं, माँ की शरण में रहते हैं, वो जग में ऊँची पदवियाँ पाते हैं। जिन्होंने भरोसे की ज्योत जलाई, उन पर कभी आफत नजदीक नहीं आती। माँ जिसकी बाँह थाम लेती हैं, वो राहों पर भटकता नहीं, कुराहे पर नहीं जाता। जिन पर माँ ने मेहर की चुनरी डाली, वो सूलों को भी फूलों की तरह महसूस करते हैं। मौत को खिलौना समझने वाले ही माँ के सच्चे प्यार को मान पाते हैं। जिंदगी को पूजारी बनाकर जीने वाले समझ जाते हैं कि रातें कैसे कटती हैं—माँ की याद में, माँ की छाँव में, माँ की कृपा में। बस यही प्रार्थना है कि वो दातिए हमेशा पास रहें, उनकी पूजा हर सांस में बनी रहे। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय माता दी। 
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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