सुन बच्चे उड़ जायेंगें तेरे राहगीर
सुन बच्चे,
उड़ जायेंगें तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
सुन बच्चे,
उड़ जायेंगें तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
एक सुबह तेरी साँस,
टूटने लग जायेगी दोस्त,
तुझे शामें पसंद हैं,
तू एक और देखना चाहेगा।
तेरे हाथ पैर जैसे,
तेरी बात ना मानेंगे,
जब अस्पताल में मुँह पे लगी,
नलियां फेंकना चाहेगा,
अभी पुर्ज़े तेरे सलामत हैं,
अभी पुर्ज़े तेरे सलामत हैं,
कर ले जो तू मन को जंचे।
सुन बच्चे,
उड़ जायेंगे तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
कर काम खूब और कमा बहुत,
ये भी जीवन का हिस्सा हैं,
पर पैर जलें, सिर चकराये तो,
दो पल थम जाना कहीं।
तेरे बाद क्या होगा,
ये भाड़ में जाए,
तू दो पल साँस तो ले ले,
जा नहीं रहा ये ज़माना कहीं,
कल का ये डर ऐसे तेरे,
कल का ये डर ऐसे तेरे,
सिर पे ना चढ़ के नच्चे।
सुन बच्चे,
उड़ जायेंगे तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
राहगीर
Sun Bachhe by Rahgir | सुन बच्चे - राहगीर का नया गाना
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