सुन बच्चे उड़ जायेंगें तेरे परखच्चे
सुन बच्चे उड़ जायेंगें तेरे परखच्चे
उड़ जायेंगें तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
सुन बच्चे,
उड़ जायेंगें तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
एक सुबह तेरी साँस,
टूटने लग जायेगी दोस्त,
तुझे शामें पसंद हैं,
तू एक और देखना चाहेगा।
तेरे हाथ पैर जैसे,
तेरी बात ना मानेंगे,
जब अस्पताल में मुँह पे लगी,
नलियां फेंकना चाहेगा,
अभी पुर्ज़े तेरे सलामत हैं,
अभी पुर्ज़े तेरे सलामत हैं,
कर ले जो तू मन को जंचे।
सुन बच्चे,
उड़ जायेंगे तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
कर काम खूब और कमा बहुत,
ये भी जीवन का हिस्सा हैं,
पर पैर जलें, सिर चकराये तो,
दो पल थम जाना कहीं।
तेरे बाद क्या होगा,
ये भाड़ में जाए,
तू दो पल साँस तो ले ले,
जा नहीं रहा ये ज़माना कहीं,
कल का ये डर ऐसे तेरे,
कल का ये डर ऐसे तेरे,
सिर पे ना चढ़ के नच्चे।
सुन बच्चे,
उड़ जायेंगे तेरे परखच्चे,
आये सूरमे अच्छे अच्छे,
जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे।
राहगीर
Sun Bachhe by Rahgir | सुन बच्चे - राहगीर का नया गाना
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“सुन बच्चे, उड़ जायेंगे तेरे परखच्चे”, वह चेतावनी नहीं, अनुभव की पुकार है। जीवन की रफ़्तार में जोश है, पर वह जोश कई बार विवेक को निगल जाता है। “आये सूरमे अच्छे अच्छे, जिन्हें वक़्त चबा गया कच्चे” — यह स्मरण कराता है कि समय सबको उसी अपने चक्र में साध लेता है, चाहे वह कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो। कोई भी शक्ति, समय की पकड़ से बच नहीं पाती।
“एक सुबह तेरी साँस टूटने लग जायेगी दोस्त…” — यह पंक्ति जीवन के क्षणभंगुर स्वरूप को उजागर करती है। कवि यहाँ मृत्यु का भय नहीं दिखाता, बल्कि जीवन की नश्वरता को पहचानने का आह्वान करता है। शामों की चाह, साँसों की टूटन — सब मिलकर यह कहती हैं कि जियो, पर जागरूक होकर जियो। जीवन का हर क्षण अमूल्य है और एक बार बीत गया तो वापस नहीं आता।
Song : Sun Bachhe
Writer, Singer, Composer : Rahgir
Music : Mahesh Vyas (M V Studio, Bikaner)
Video shoot and Direction : Shyam Babu
Mandolin : Kapil Kumawat
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