राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी भजन

राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी भजन


हे निवण करें नर नारी हो,
राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी,
हे कलबी कुल में जामों पायो,
राजेश्वर अवतारी,
हे पिता हरिंग जी माता मोती बाई,
जुग में लाड़ लडायो,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे बालपण में गायों चरावता,
कृष्ण भक्ति कमाई,
हे भक्ति में लीन,
द्वारका सिधायो,
भगतों ने दरस दिखायो,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

राजाराम जी आ बात बताई,
इन कलयुग रे माई,
हे एडो एडो कलजुग,
आवे जगत में,
साची बात बताई,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे केवड़ा राजेश्वर सुनो म्हारा भगतों,
नशा सु दूर रेनो,
हे नशा मुक्ति री,
निव चलाइ,
इन जगत रे माही,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे आंजणा पटेल,
कलबी कुल थाने,
हृदय सु ए ध्यावे,
हे सुनो राजेश्वर अरज हमारी,
ध्यावे जगत संसारा,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे कठिन तपस्या,
राजेश्वर कीन्हीं,
इंद्रलोक डकायलो,
हे इंद्रलोक सु आयो बुलावो,
इंद्रलोक में आयो,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे केवड़ा इंद्र देव सुनो राजेश्वर,
काई इच्छा है थारी,
हे सुनो इंद्र देव बात हमारी,
आ इच्छा है म्हारी,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे जो फल द्वारका,
नगरी में मिले है,
वो ही फल गुरु रा द्वारे,
हे एडो वचन म्हाने,
देज्यो इंद्र देव मृत्युलोक रा माय,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे राकेश गोंगावा महीमा गावे,
सुनो सकल संसारा,
हे राजेश्वर री महिमा भारी,
राजाराम जी री महिमा भारी,
सुनो जगत संसारा,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।

हे निवण करें नर नारी हो,
राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी,
हे कलबी कुल में जामों पायो,
राजेश्वर अवतारी,
हे पिता हरिंग जी माता मोती बाई,
जुग में लाड़ लडायो,
हो राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।



Rajaram ji bhajan | Rajeshwar Data Pal Me Duniya Taari | Rakesh Vaishnav Gangawa | Bhajan 2026

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Singer : Rakesh Vaishnav Gangawa
Song : Rajeshwar Data Pal Me Duniya Taari
Music : KR RECORDS { KULDEEP RAO AHORE }
Lyrics : Rakesh Vaishnav Gangawa
Recording : KR RECORDS MUSIC / PRODUCTION
Video : Sarvan bhai 
EDIT by : SHIVAM PHOTOGRAPHY HARJI
 
मानव और नारियाँ विनम्र होकर उस महापुरुष के आगे नत होते हैं जिसने कलबी कुल में जन्म लेकर राजेश्वर रूप में अवतार धारण किया और क्षण भर में दुखी संसार की नैया पार लगाने वाला दाता बन गया। बचपन से ही गोपालन करते‑करते हृदय में गहरी कृष्ण भक्ति जागी, उसी भक्ति में लीन होकर द्वारका धाम पहुँचे और वहाँ से दिव्य प्रेरणा लेकर लौटे, ताकि कलियुग में फँसे लोगों को सच्चे मार्ग पर लगा सकें। इन्होंने कठोर तपस्या कर देवलोक तक को प्रभावित किया, जहाँ इंद्र के बुलावे पर भी यह वर माँगा कि जो फल द्वारका में मिलता है वही फल पृथ्वी पर गुरु द्वार पर आने वाले जिज्ञासुओं को मिले, ताकि साधारण जन भी भगवान के परम प्रसाद से वंचित न रहें। इनकी करुणा विशेष रूप से नशा‑मुक्ति और विकारों से उबारने में प्रकट होती है; जो हृदय से पुकारता है, उसके भीतर छोड़ने की शक्ति और नए जीवन की राह अपने आप बनती चली जाती है, मानो पल भर में ही भारी बोझ उतर गया हो।

राजेश्वर को लोककल्याण के लिए अवतरित संत रूप में आदर दिया जाता है, जिनके पिता हरींग जी और माता मोती बाई ने बड़े लाड़‑प्यार से पालन किया ताकि आगे चलकर वे समूचे युग के रक्षक बन सकें। बाल्यावस्था से ही कृष्ण‑नाम और सेवा में रमे रहने के कारण उनका हृदय करुणा, त्याग और तपस्या से भर उठा, यही कारण है कि देवताओं तक ने उनकी तपस्या को स्वीकार कर विशेष सम्मान दिया। इनकी महिमा केवल चमत्कारों में नहीं, बल्कि इस संकल्प में है कि मृत्युलोक में रहते हुए भी मनुष्य द्वारका जैसे पुण्यफल को गुरु‑सेवा, नाम‑स्मरण और सदाचार से प्राप्त कर सकता है। लोक में इन्हें नशा, अधर्म और भ्रम से घिरे लोगों के लिए सच्चा मार्गदर्शक माना जाता है; जो श्रद्धा से स्मरण करता है, उसके जीवन में संयम, भक्ति और भीतर की शांति धीरे‑धीरे स्थिर हो जाती है, और वही अनुभूति जन्म देती है कि “राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी।” 
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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