आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई,
अमृत होय घणो सुख पावे,
इण कलयुग रे माही वो,
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई।
चन्दन रुकड़ो उगो बाग में,
वास सुगंधा होई,
वणी चंदन री वणे पुतली,
मेले मंदर माही वो,
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई।
अरे उन चंदन री बने पेनईया,
सज बने घर माही,
वणी चन्दन ने घस पत्थर पे,
तिलक करे रघुराई वो,
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई।
आकड़ो चंदन के घणो आकरो,
रेन दिवस के माही,
वणी चन्दन की माला बणे वो,
पेरे घट के माही वो,
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई।
अरे ओछो आकड़ो करे कुछ माटी,
जेर भरयो रे वण माही,
केवे कबीर सुणो भाई साधो,
जेर पिया मर जासी वो,
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई।
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई,
अमृत होय घणो सुख पावे,
इण कलयुग रे माही वो,
आकड़ा अमृत होजा मेरा भाई।
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