अवधू बेगम देस हमारा मीनिंग कबीर पद
अवधू बेगम देस हमारा हिंदी मीनिंग (कबीर के पद)
अवधू बेगम देस हमारा।राजा-रंक-फ़क़ीर-बादसा सबसे कहौं पुकारा।
जो तुम चाहो परम पद को, बसिहो देस हमारा॥
जो तुम आये झीने होके, तजो मन की भारा।
धरन-अकास-गगन कछु नाहीं, नहीं चंद्र नहिं तारा॥
सत्त-धर्म की हैं महताबें, साहेब के दरबारा।
कहैं कबीर सुनो हो प्यारे, सत्त-धर्म है सारा॥
जो तुम चाहो परम पद को, बसिहो देस हमारा॥
जो तुम आये झीने होके, तजो मन की भारा।
धरन-अकास-गगन कछु नाहीं, नहीं चंद्र नहिं तारा॥
सत्त-धर्म की हैं महताबें, साहेब के दरबारा।
कहैं कबीर सुनो हो प्यारे, सत्त-धर्म है सारा॥
अवधू हम तुमको अपने देश के बारे में बताएं जहाँ पर कोई भी गम/संकट नहीं है। इस बात को हम सभी राजा और भिखारी, फ़क़ीर और बादशाह सभी से पुकार करके कह रहे हैं। यदि तुम परम पद पाना चाहते हो तो हमारे देश में आओ और बस जाओ। यदि तुम सांसारिक क्रियाओं से मुक्त होना चाहते हो तो / यदि तुम संसार से थक चुके हो तो आओ यहाँ पर हमारे देश। इस स्थान पर जमीन, आसमान और चाँद तारे कुछ भी नहीं है। ईश्वर के दरबार में सत्य और धर्म की महताब चमक रही हैं। प्यारे भाई सुनों सत्य और धर्म ही सर्वोच्च हैं, धर्म के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है।
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Author - Saroj Jangir
दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं कबीर के दोहों को अर्थ सहित, कबीर भजन, आदि को सांझा करती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें। |
