बन्ना सा पूछे हा ये म्हारी बनड़ी
बन्ना सा पूछे हा ये म्हारी बनड़ी राजस्थानी सोंग लिरिक्स
आज किधर थारा डेरा है।
ऊंचा ऊंचा महल लाग्या दरवाजा,
बठै म्हारा दादोसा रा डेरा है।
गोरा गोरा हाथां म रच रही मेहंदी,
झाला देर बुला रिया है।
तिखा तिखा नैनां म घुल रयो काजल,
सेनां म समझा रिया है।
धोला धोला दांता म खिल रही,
मुलक मुलक बतला रिया है।
बन्ना सा पूछे हा ये म्हारी बनड़ी,
आज किधर थारा डेरा है।
ऊंचा ऊंचा महल लाग्या दरवाजा,
बठै म्हारा दादोसा रा डेरा है।
Banni Ra Dadosa - Anchal Bhatt | Shubh Vivah Album | SP Jodha | Sandeep Dadhich | Rajasthani Banni
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बन्ना अपनी बनड़ी से बड़े ही प्यार और जिज्ञासा से पूछता है कि "आज किधर थारा डेरा है" (आज तुम्हारा ठिकाना/घर कहाँ है?), जिस पर बनड़ी जवाब देती है कि उसके दादोसा (दादाजी) का निवास ऊँचे महलों और बड़े दरवाजों वाली भव्य जगह पर है, जो उसके मायके की प्रतिष्ठा और संपन्नता को दर्शाता है। गीत आगे बनड़ी के सौंदर्य का वर्णन करता है: उसके गोरे हाथों पर रची हुई मेहंदी उसके विवाहित होने का प्रतीक है, जिसके लिए वह संकेत देती है कि कोई उसे 'झाला देकर' यानी पुकार कर बुला रहा है; उसकी तीखी आँखों में लगा काजल एक तीक्ष्ण और मादक रूप दे रहा है, और वह अपनी आँखों के इशारों से ही मानो किसी को 'सेनां में समझा रिया है' (इशारों में समझा रही है)।
Album : Shubh Vivah
Song 👉 Banni Ra Dadosa
Singer 👉 Anchal Bhatt
Lyrics 👉 Dariyaw Kanwar
Music 👉 Sandeep Dadhich
DOP & EDIT👉 Shubham Gupta
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