गोरा तू घोट दे भंगियाँ शिव भजन

गोरा तू घोट दे भंगियाँ शिव भजन

गोरा, तू घोट दे भंगियाँ, बिन भांग रहा न जाए,
पिया फुट गइयो, सिलवटा, तेरी भांग न घोटी जाए।।

बिन भांग नहीं रह पाऊँगा मैं, सिलवटा मँगवाऊँगा,
कई दिन होए, बिठाए, बिन भांग रहा न जाए,
गोरा, तू घोट दे भंगियाँ।।

पिया, घोटु न तेरी भांग, कति चाहे हो जाऊँगी अभी सती,
तेरी भांग कलेजा खाए, मोसे रोज न घोटी जाए,
पिया फुट गइयो, सिलवटा, तेरी भांग न घोटी जाए।।

मोहे आदत पड़ गई पीने की, ये दवा बन गई जीने की,
गोरा, तू क्यों गबराए, बिन भांग रहा न जाए,
गोरा, तू घोट दे भंगियाँ।।

मैं तो आज पीहर जाऊँगी, तेरी ऐसी भांग गुटाऊँगी,
कुछ और नजर न आए, तेरी भांग न घोटी जाए,
पिया फुट गइयो, सिलवटा, तेरी भांग न घोटी जाए।।

धमकी से तेरी ना डरूँ, चाली जा दूजा व्याह करूँ,
सुन वर्मा को बरमाए, बिन भांग रहा न जाए,
गोरा, तू घोट दे भंगियाँ।।



गौरा तु घोट दे भंगिया | Chanchal Banjara, Manoj Verma | Bhole Baba Ke Bhajan 2019

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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