पिया तोड़ दो बंधन आज की अब रूह भजन

पिया तोड़ दो बंधन आज की अब रूह मिलना चाहती है भजन


पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है,
पिया दिल की यही आवाज,
पिया दिल की यही आवाज,
की अब रूह चलना चाहती है,
पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है।

आस उम्मीद सब तुमपे रखी,
मुझमें नहीं है कुछ भी मेरा,
कबसे रखा दिल चरणों में तेरे,
प्यार का जाम कहाँ है तेरा,
अब देर ना कर भरतार,
अब देर ना कर भरतार,
की अब रूह मिलना चाहती है,
पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है।

आशिक पिया के वो ही हैं जलते,
जो होंठों पे रखते हैं ताले,
आई लहर जो मस्ती भरी फिर,
दिल सम्भले ना लाख सम्हाले,
मेरे वश में नहीं जज्बात,
मेरे वश में नहीं जज्बात,
की अब रूह मिलना चाहती है,
पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है।

तड़पेंगे यहाँ कब तक बता दो,
दर्द दिया अब तुम ही दवा दो,
अधर सुधा रस अब तो पीला दो,
यही दर्द बस यही दवा दो,
कर भी लो बाँह पसार,
कर भी लो बाँह पसार,
की अब रूह मिलना चाहती है,
पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है।

पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है,
पिया दिल की यही आवाज,
पिया दिल की यही आवाज,
की अब रूह चलना चाहती है,
पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है।



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☛ Singer Name: बाबा चित्र विचित्र जी महाराज 
☛ Video Name: पिया तोड़ दो बंधन आज के अब रूह मिलना चाहती है 
© Copyright: Vraj Bhav (बृज भाव)
Watch “पिया तोड़ दो बंधन आज के अब रूह मिलना चाहती है " by बृज भाव
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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