कँवर जी कला बड़ी भारी भजन

कँवर जी कला बड़ी भारी भजन


आदि अनादि देवता,
श्री कँवर जी महाराज,
जीव उबारया जगत का,
कर दिया भव से पार।

कँवर जी कला बड़ी भारी,
चार कूँट और चौदह भवन में,
माने दुनिया सारी।

आदि देव देव बड़ा बाँको,
भुजग फणधारी,
बासुकि जी रो कँवर लाडलो,
नागण महतारी,
कँवर जी कला बड़ी भारी।

तन मन से जो माने कँवर न,
आश पूरे ज्याँरी,
दुख दर्द सारा कट जावे,
अरु काटे बीमारी,
कँवर जी कला बड़ी भारी।

सर्प गौँयरा बाँडी बिच्छू,
जीव विषधारी,
आँसू से कँवर जी सदा बचावे,
निगाह राखे म्हारी,
कँवर जी कला बड़ी भारी।

पवन कहे इन्द्र रो साथी,
इण्या सुनी न्यारी,
बलवंत कहे भेद नहीं जाण्यो,
निर्गुण निराकारी,
कँवर जी कला बड़ी भारी।

कँवर जी कला बड़ी भारी,
चार कूँट और चौदह भवन में,
माने दुनिया सारी।



कंवर गी कला बड़ी भारी || कंवर केशरा जी भजन। Kanwer Keshra Ji Bhajan || Samunder_chelasari |

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आदि अनादि देवता श्री कंवर जी महाराज ने जीवों को उबार जगत को भवसागर से पार करा दिया। उनकी कला बड़ी भारी है जो चार कूट और चौदह भवनों में विराजमान होकर दुनिया सारी मानती है। बड़ो बंको आदीदेव भूजग फणधारी हैं, बाशक जी के लाडले नागण महतारी रूप में भक्तों की रक्षा करते हैं। तन मन से मानने वाले की आश पूरी होती है, दुख दर्द बिमारी कट जाती है। सर्प गौयरा बिच्छू जैसे विषधारी जीवों से आंसुओं को बचाते हैं, निगाह रखते हैं। पवन इन्द्र के साथी निराली सुनी हैं, बलवन्त कहते हैं भेद न जाण्यो निर्गुण निराकारी।
 
Superhit kanwer kesara ji bhajan
Kanwer gi kala badi bhari chyar kunt or chodhah bhawan me mane duniya sari
Singer ---- Samunder surela chelasary
Dholak---Prem bawra rawtsar
Tabla ---- Syokat Ali dhanasar
Orgen ---- Sunil Swami dhanasar
Ricording---PMX studio rawtsar Prem Raj prem
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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