सांगलिया की बहार है सारी दुनिया लार भजन

सांगलिया की बहार है सारी दुनिया लार है

सतगुरु दीन दयाल हो,
सब देवों का देव,
दास जान दया करो,
दीज्यो केवल भेव।
दीज्यो केवल भेव,
सेव नित करा तुम्हारी,
खीव कहे कर जोड़,
लाज गुरु रखना मेरी।।

सांगलिया की बहार है,
सारी दुनिया लार है,
आजा रे मतवाला जोगी,
तेरा इंतज़ार है।।

सारी दुनिया हिलमिल स्वामी,
तेरा ध्यान लगाए है,
दरसन री बलहारी दाता,
बनी बनाई तैयार है,
सांगलिया की बहार है,
सारी दुनिया लार है।।

सांगलिया सकलाई साची,
अजब रंगीली धार है,
मेला भरीजे भरपूर यहां पर,
संतों का दरबार है,
सांगलिया की बहार है,
सारी दुनिया लार है।।

दादर, मोर, पपिहा बोले,
कोयल बड़ी सुप्यारी है,
आवत-जावत नर-नारी भाई,
बोले जय जयकार है,
सांगलिया की बहार है,
सारी दुनिया लार है।।

लादुदास मिल्या गुरु साहिब,
डूबत लिया उबार है,
खीव करे चरणों की सेवा,
करजो नैया पार है,
सांगलिया की बहार है,
सारी दुनिया लार है।।

सांगलिया की बहार है,
सारी दुनिया लार है,
आजा रे मतवाला जोगी,
तेरा इंतज़ार है।।


"सांगलिया की बहार ह" सारी दुनिया लार हैं by रामेश्वर जी सुजानगढ़ "सांगलिया भजन" #sangliyabhajan

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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