तू मेरी गौरा बन जाना मैं तेरा भोला बन जाऊं
तू मेरी गौरा बन जाना मैं तेरा भोला बन जाऊं
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे पायल ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे पायल ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
मुस्कुराती गौरा देखो शिव को देख के,
तू भी मुस्कुरा दे मुझको ऐसा देख के,
शक्ति बिन शिव भी अधूरे लगते,
तेरे बिन मैं भी तो अधूरा लगता।
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे चुनर ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे चुनर ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
ले के चलूं तुझको मैं तो शिव धाम में,
बैठे देखो शिव गौरी साथ साथ में,
त्रिपुण्ड देखो शिव के माथे कैसे चमके,
गौरा भी क्या कम लागे है शिव के संग में।
मैं तेरा राजा बन जाऊं,
तू मेरी रानी बन जाना,
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
में तुझे पायल ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना,
में तुझे चुनर ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे पायल ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे पायल ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
मुस्कुराती गौरा देखो शिव को देख के,
तू भी मुस्कुरा दे मुझको ऐसा देख के,
शक्ति बिन शिव भी अधूरे लगते,
तेरे बिन मैं भी तो अधूरा लगता।
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे चुनर ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
मैं तुझे चुनर ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
ले के चलूं तुझको मैं तो शिव धाम में,
बैठे देखो शिव गौरी साथ साथ में,
त्रिपुण्ड देखो शिव के माथे कैसे चमके,
गौरा भी क्या कम लागे है शिव के संग में।
मैं तेरा राजा बन जाऊं,
तू मेरी रानी बन जाना,
तू मेरी गौरा बन जाना,
मैं तेरा भोला बन जाऊं,
में तुझे पायल ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना,
में तुझे चुनर ला दूंगा,
तू मेरी रानी बन जाना।
शिव और पार्वती जी का प्रेम अद्भुत और दिव्य है। माता पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की। उनकी भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी बना लिया। शिव और शक्ति का यह संगम सृष्टि के संतुलन और ऊर्जा का प्रतीक है। उनका प्रेम पति पत्नी का आदर्श है और भक्ति और समर्पण की महान मिसाल भी है। जय शिव शक्ति।
Instagram Trending MahaShiv Ratri Special Song - Tu Meri Gaura Ban Jana |Jeetu Sharma | lyrics video
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Singer: Jeetu Sharma
Lyrics & Composition: Jeetu Sharma
Music: Akash Dew
Video By - Hari Om
Poster - Sanjay
Lyrics & Composition: Jeetu Sharma
Music: Akash Dew
Video By - Hari Om
Poster - Sanjay
प्रेम और भक्ति का यह गीत उस पवित्र बंधन की महिमा गाता है, जो दो आत्माओं को एक अनन्य और अमर रिश्ते में बाँधता है। यह भावना उस गहरे प्रेम को दर्शाती है, जहाँ एक आत्मा अपनी पूर्णता दूसरी आत्मा में खोजती है, और यह विश्वास रखती है कि यह साथीत्व ही जीवन को संपूर्ण और सार्थक बनाता है। वह प्रेम, जो सादगी और समर्पण से भरा है, न केवल सांसारिक सुखों की कामना करता है, बल्कि एक आध्यात्मिक मिलन की ओर भी इशारा करता है। यह पुकार उस दैवीय प्रेम का प्रतीक है, जो शक्ति और शिव के समान एक-दूसरे के बिना अधूरा है, और जो एक-दूसरे के साथ मिलकर सृष्टि को पूर्णता और सौंदर्य प्रदान करता है। इस प्रेम में एक ऐसी शुद्धता है, जो हर सजावट, चाहे वह पायल हो या चुनर, को प्रेम के प्रतीक के रूप में देखती है, जो हृदय को और अधिक निकट लाता है।
यह गीत उस पवित्र संगम की भी याद दिलाता है, जहाँ प्रेम और भक्ति का मिलन एक दैवीय उत्सव बन जाता है। वह स्थान, जहाँ शिव और शक्ति एक साथ विराजमान हैं, वह केवल एक भौतिक स्थान नहीं, बल्कि उस आध्यात्मिक ऊँचाई का प्रतीक है, जहाँ प्रेम और समर्पण की चमक हर अंधेरे को दूर कर देती है। यह भावना उस विश्वास को दर्शाती है कि सच्चा प्रेम न केवल सांसारिक सुखों को लाता है, बल्कि आत्मा को उस परम सत्य के करीब ले जाता है। वह प्रेम, जो एक-दूसरे को राजा और रानी के रूप में देखता है, एक ऐसी जोड़ी की कल्पना करता है, जो न केवल एक-दूसरे की पूरक है, बल्कि सृष्टि के हर रंग को और अधिक सुंदर बनाती है। यह गीत उस अनंत प्रेम की पुकार है, जो जीवन को एक पवित्र तीर्थयात्रा में बदल देता है।
भगवान शिव और देवी गौरी (पार्वती) की कृपा का महत्व उनके संयुक्त रूप में निहित है, जो सृष्टि के दो मूलभूत सिद्धांतों - पुरुष (शिव) और प्रकृति (गौरी) का प्रतिनिधित्व करता है। शिव की कृपा वैराग्य, ज्ञान और आंतरिक शांति की ओर ले जाती है, जबकि गौरी की कृपा प्रेम, शक्ति, समृद्धि और रचनात्मकता प्रदान करती है। जब इन दोनों की कृपा एक साथ मिलती है, तो यह जीवन को पूर्ण और संतुलित बनाती है। शिव हमें सिखाते हैं कि कैसे अपने मन को स्थिर रखें और जीवन के कष्टों को स्वीकार करें, वहीं गौरी हमें जीवन के हर पहलू में शक्ति, प्रेम और सौंदर्य को पहचानने की शक्ति देती हैं। उनकी कृपा हमें यह समझने में मदद करती है कि सच्चा जीवन केवल आध्यात्मिक मार्ग पर चलने से नहीं मिलता, बल्कि भौतिक और आध्यात्मिक दोनों संसारों में संतुलन बनाए रखने से मिलता है। इस प्रकार, शिव-गौरी की कृपा हमें एक संपूर्ण और सुखी जीवन जीने का मार्ग दिखाती है।
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Author - Saroj Jangir
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