दो जांटी वाले बालाजी तेरा रूप मेरे मन भाया
दो जांटी वाले बालाजी तेरा रूप मेरे मन भाया है
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है।
तूने प्रभु के काम किये भारी,
तू स्वयं प्रभु का अवतारी,
प्रभु राम का तू आज्ञाकारी,
प्रभु राम का नाम बढ़ाया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है।
तू परम पिता परमेश्वर है,
तू ब्रह्म ज्ञानी ज्ञानेश्वर है,
बल बुद्धि विवेक का स्वामी है,
कोई तेरा पार ना पाया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है,
तेरे हृदय में राम की मूरत है,
मेरे हृदय में तेरी सूरत है,
तेरे दर्शन से हे बैरागी,
मेरा हृदय कमल मुस्काया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है।
तू चाहे तो पत्थर भी तेरें,
तेरी लाल ध्वजा जिस घर लहरे,
राजेश्वर नैया पार लगा,
राजेंद्र शरण में आया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है।
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है।
तूने प्रभु के काम किये भारी,
तू स्वयं प्रभु का अवतारी,
प्रभु राम का तू आज्ञाकारी,
प्रभु राम का नाम बढ़ाया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है।
तू परम पिता परमेश्वर है,
तू ब्रह्म ज्ञानी ज्ञानेश्वर है,
बल बुद्धि विवेक का स्वामी है,
कोई तेरा पार ना पाया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है,
तेरे हृदय में राम की मूरत है,
मेरे हृदय में तेरी सूरत है,
तेरे दर्शन से हे बैरागी,
मेरा हृदय कमल मुस्काया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है।
तू चाहे तो पत्थर भी तेरें,
तेरी लाल ध्वजा जिस घर लहरे,
राजेश्वर नैया पार लगा,
राजेंद्र शरण में आया है,
दो जांटी वाले बालाजी,
तेरा रूप मेरे मन भाया है,
मरू माटी वाले बालाजी,
तेरी ज्योत का तेज समाया है।
फतेहपुर शेखावाटी, सीकर राजस्थान में दो जांटी बालाजी का मंदिर है। यह हनुमान जी का चमत्कारी स्थान है। यहां सभी परेशानियां और कष्ट हनुमान जी की कृपा से दूर होते हैं। यहां हर मंगलवार और शनिवार को बहुत भीड़ होती है। हम हनुमान जी को नारियल, सिंदूर और तेल चढ़ाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की विनती करते हैं। मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसे "दो जांटी बालाजी" कहा जाता है, जिसका कारण हनुमान जी की दो पवित्र जांटियों (खेजड़ी के दो पेड़) से जुड़ा है, जिनका बहुत ही धार्मिक महत्व है। यहां की गई सच्चे मन से प्रार्थना अवश्य ही पूरी होती है। हम यहां हनुमान जी की कृपा से आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव करते हैं।
Do Jaanti Wale Balaji | दो जांटी वाले बालाजी | Rajendra Jain | Fatehpur Shekhwati Balaji Hit Bhajan
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Song: Do Jaanti Wale Balaji
Singer: Rajendra Jain
Category: Hindi Devotional Bhajan
Singer: Rajendra Jain
Category: Hindi Devotional Bhajan
You may also like
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
