चेत दा महीना आ गया भजन
चेत दा महीना आ गया भजन
पौणहारिया, तेरे नाम वाली,
मैं, माला लवां परो।
रखां, दिल विच, एहनूं मैं सांभ के,
किते, मैली, जावे ना हो।
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
(चेत दा महीना आ गया)
लिख, चिठ्ठियां, जोगी दे वल्ल पावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, गुफा वल्ल जावां...
(चेत दा महीना आ गया)
चिठ्ठी, कागज़ बिना ना, लिखी जावे,
दिल, कढ़ के मैं, कागज़ बनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
चिठ्ठी, स्याही तों बिना ना, लिखी जावे,
रक्त, कढ़ के मैं, स्याही बनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
चिठ्ठी, कलम बिना ना, लिखी जावे,
कढ़, हड्डियां मैं, कलम बनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
चिठ्ठी, दोस्त तों बिना ना, पढ़ी जावे,
पौणहारी दियां, औंसियां मैं पावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
पौणहारी आवे, चिठ्ठी पढ़ के सुनावे,
अखां थक गईयां, तक तक राहवां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
भगतां तों, बाबा जी मुख, कदे नहींयो मोड़िदा,
तरले मार मार, तैनूं मैं बुलावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
दिल दे बग़ीचे विच, तुसीं कद आवोगे,
झोली मेरी दे विच, खैर कदों पावोगे।
मैं तां, रो रो, अरज सुनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
मैं, माला लवां परो।
रखां, दिल विच, एहनूं मैं सांभ के,
किते, मैली, जावे ना हो।
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
(चेत दा महीना आ गया)
लिख, चिठ्ठियां, जोगी दे वल्ल पावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, गुफा वल्ल जावां...
(चेत दा महीना आ गया)
चिठ्ठी, कागज़ बिना ना, लिखी जावे,
दिल, कढ़ के मैं, कागज़ बनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
चिठ्ठी, स्याही तों बिना ना, लिखी जावे,
रक्त, कढ़ के मैं, स्याही बनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
चिठ्ठी, कलम बिना ना, लिखी जावे,
कढ़, हड्डियां मैं, कलम बनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
चिठ्ठी, दोस्त तों बिना ना, पढ़ी जावे,
पौणहारी दियां, औंसियां मैं पावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
पौणहारी आवे, चिठ्ठी पढ़ के सुनावे,
अखां थक गईयां, तक तक राहवां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
भगतां तों, बाबा जी मुख, कदे नहींयो मोड़िदा,
तरले मार मार, तैनूं मैं बुलावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
दिल दे बग़ीचे विच, तुसीं कद आवोगे,
झोली मेरी दे विच, खैर कदों पावोगे।
मैं तां, रो रो, अरज सुनावां...
(चेत दा महीना आ गया)
दिल, लोचदा, बाबे दर जावां...
Chet Da Mahina Aa Gaya | Bibi Parkash Kaur | Baba Balak Nath Bhajan 2025
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Title: Chet Da Mahina Aa Gaya
Singer: Bibi Parkash Kaur - 89688-83053
Lyrics: Traditional
Music: Rohit Sidhu
Video: Som Nath Heer
Label: JBD LIVE
पौणहारी बाबा के प्रति यह गहन भक्ति मन को उनकी शरण में ले जाती है। उनका नाम जपने वाली माला को हृदय में सँजोकर, भक्त उसे हर मैल से बचाता है। चेत के महीने में बाबा के दर की तीव्र लालसा मन को बेकरार करती है। जैसे चिट्ठी लिखने के लिए दिल को कागज, रक्त को स्याही, और हड्डियों को कलम बनाना पड़े, वैसे ही भक्त अपनी आत्मा को उनकी भक्ति में अर्पित करता है। यह पुकार सिखाती है कि सच्चा प्रेम और विश्वास वह है, जो हर कठिनाई में बाबा को पुकारे। उनकी कृपा कभी भक्त से मुँह नहीं मोड़ती, और वह उनकी राह तकते आँखों को सदा सुख देता है। यह भक्ति का रस है, जो मन के बगीचे में बाबा के आने की आस जगाता है, और उनकी खैर से झोली भरने की प्रार्थना करता है।
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न भटको मोह से प्यारे ये रिश्ते टूट जाएँगे
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Title: Chet Da Mahina Aa Gaya
Singer: Bibi Parkash Kaur - 89688-83053
Lyrics: Traditional
Music: Rohit Sidhu
Video: Som Nath Heer
Label: JBD LIVE
पौणहारी बाबा के प्रति यह गहन भक्ति मन को उनकी शरण में ले जाती है। उनका नाम जपने वाली माला को हृदय में सँजोकर, भक्त उसे हर मैल से बचाता है। चेत के महीने में बाबा के दर की तीव्र लालसा मन को बेकरार करती है। जैसे चिट्ठी लिखने के लिए दिल को कागज, रक्त को स्याही, और हड्डियों को कलम बनाना पड़े, वैसे ही भक्त अपनी आत्मा को उनकी भक्ति में अर्पित करता है। यह पुकार सिखाती है कि सच्चा प्रेम और विश्वास वह है, जो हर कठिनाई में बाबा को पुकारे। उनकी कृपा कभी भक्त से मुँह नहीं मोड़ती, और वह उनकी राह तकते आँखों को सदा सुख देता है। यह भक्ति का रस है, जो मन के बगीचे में बाबा के आने की आस जगाता है, और उनकी खैर से झोली भरने की प्रार्थना करता है।
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Author - Saroj Jangir
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