रामचरितमानसपाठ:सुन्दरकाण्ड
रामचरितमानसपाठ:सुन्दरकाण्ड:दोहा:१८-२७ चौपाई चलेउ नाइ सिरु पैठेउ बागा। फल खाएसि तरु तोरैं लागा ॥ रहे तहाँ बहु भट रखवारे। कछु मारेसि कछु ज...
रामचरितमानसपाठ:सुन्दरकाण्ड:दोहा:१८-२७ चौपाई चलेउ नाइ सिरु पैठेउ बागा। फल खाएसि तरु तोरैं लागा ॥ रहे तहाँ बहु भट रखवारे। कछु मारेसि कछु ज...
सुनु लंकेस सकल गुन तोरें सुन्दर काण्ड सुन्दर कांड भाग - ७ "जय श्री राम" सुनु लंकेस सकल गुन तोरें। तातें तुम्ह अतिसय प्रिय मोरें...
माल्यवंत अति सचिव सयाना सुन्दर काण्ड माल्यवंत अति सचिव सयाना। तासु बचन सुनि अति सुख माना।। तात अनुज तव नीति बिभूषन। सो उर धरहु जो कहत बिभीष...
उहाँ निसाचर रहहिं ससंका सुन्दर काण्ड उहाँ निसाचर रहहिं ससंका। जब ते जारि गयउ कपि लंका।। निज निज गृहँ सब करहिं बिचारा। नहिं निसिचर कुल केर उ...
सुनि सीता दुख प्रभु सुख अयना सुन्दर काण्ड सुनि सीता दुख प्रभु सुख अयना। भरि आए जल राजिव नयना।। बचन काँय मन मम गति जाही। सपनेहुँ बूझिअ बिपति...
देह बिसाल परम हरुआई सुन्दर काण्ड देह बिसाल परम हरुआई। मंदिर तें मंदिर चढ़ धाई।। जरइ नगर भा लोग बिहाला। झपट लपट बहु कोटि कराला।। तात मातु हा...
शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं सुन्दर काण्ड सुन्दर काण्ड श्रीजानकीवल्लभो विजयते श्रीरामचरितमानस ~~~~~~~~ पञ्चम सोपान सुन्दरकाण्ड श्लोक शान्...