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किस नींद सूत्या मेरा लक्खी ओ दादा

किस नींद सूत्या मेरा लक्खी ओ दादा किस नींद सूत्या मेरा लक्खी ओ दादा, चार दल थारे ऊम्हे। एक दल आप, दल दूजा बाप, तीजा दल घर के भातियाँ। चौथा ...

Saroj Jangir

हे करूणा की सागर हे ममतामयी माँ

हे करूणा की सागर हे ममतामयी माँ हे करूणा की सागर, हे ममता मई माँ, मैं तेरा हूँ माता, मुझे तुम संभालो। मैं चरणों में तेरे आन पड़ा हूँ, जगत क...

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सावन का महीना घटाएं घनघोर भजन

सावन का महीना घटाएं घनघोर सावन का महीना, घटाएं घनघोर, झूला झूले राधा, झुलावे नंदकिशोर। गूंज उठी हैं चारों ओर किलकारी, हँस रही हैं राधा, हँस...

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तू भक्तां दे भरदी भंडार नि मायें मैं भजन

तू भक्तां दे भरदी भंडार नि मायें मैं भजन तू भक्तां दे भरदी भंडार नि मायें, मैं तइयो चुनरी लेके आया  दरबार नि मायें ॥२॥ मैं सुनिया तू भाग जग...

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