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कोड्डी कोड्डी बगड़ बुहारूं दर्द उठे कमर म

कोड्डी कोड्डी बगड़ बुहारूं दर्द उठे कमर म कोड्डी–कोड्डी बगड़ बुहारूं, दर्द उठे कमर में, हो राजीड़ा, इब ना रहूंगी तेरे घर में।। द्योराणी–जिठ...

Saroj Jangir

कोए मांगी कढ़ाई ना देय मेरा दिल हलुवै नै

कोए मांगी कढ़ाई ना देय मेरा दिल हलुवै नै कोए मांगी कढ़ाई ना देय, मेरा दिल हलुवै नै। जैसे–तैसे मैं लई कढ़ाई, सासूजी आटा ना देय। मेरा दिल हलु...

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चंदन रुख कटाय के अगड़ पलणिया घड़ा

चंदन रुख कटाय के अगड़ पलणिया घड़ा चंदन रुख कटाय के अगड़ पलणिया घड़ा, मेरे आंगण में अमला बो दिया।। रेसम डोर बटाय के अगड़ पलणिया झूला, मेरे आ...

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चुप-चुप खड़े हो जरूर कोई बात है

चुप-चुप खड़े हो जरूर कोई बात है चुप-चुप खड़े हो, जरूर कोई बात है, ललणा तो जाया पूनो की आधी रात है।। (टेक) सासू भी आवै, दिवला चसावै, दिवला च...

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